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MP में नई सरकार : शिवराज ने ऐसे पीछे छोड़ा दिग्गज दावेदारों को...पढ़िए इनसाइड स्टोरी
Bhopal News in Hindi

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 23, 2020, 5:10 PM IST
MP में नई सरकार : शिवराज ने ऐसे पीछे छोड़ा दिग्गज दावेदारों को...पढ़िए इनसाइड स्टोरी
शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पद की रेस में नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा को पीछे छोड़ दिया.

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जनता के बीच शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की लोकप्रियता और मौजूदा राजनीतिक समीकरण ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को सीएम पद की रेस में पीछे छोड़ दिया.

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भोपाल. मुख्यमंत्री पद से कमलनाथ (Kamalnath) के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस खबर से पर्दा आखिरकार उठ गया है. भारतीय जनता पार्टी में सीएम पद की रेस में शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) सहित केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और पार्टी के कई पुराने और दिग्गज नेता शामिल थे. लेकिन शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता, राजनीतिक और सामाजिक समीकरण ने उनका साथ दिया और अब वो चौथी बार प्रदेश के सीएम बनने जा रहे हैं.

आसान नहीं थी चौथी बार की दावेदारी

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए मध्य प्रदेश का चौथी बार सीएम पद पर पहुंचना आसान न था. उनकी पार्टी के कई नेता इस पद के लिए रेस में थे. इनमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का तो नाम भी सामने आ गया था. इसके अलावा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के नाम भी शामिल थे. लेकिन एमपी की जनता के बीच शिवराज की लोकप्रियता और राज्य का मौजूदा राजनीतिक समीकरण देखते हुए केंद्रीय आलाकमान ने आखिरकार उनके नाम पर मुहर लगाना बेहतर समझा.

शिवराज के नाम के पीछे यह अहम वजह



शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की रेस में आगे रहने के पीछे कुछ और वजहें भी थीं. प्रदेश में पार्टी का सबसे लोकप्रिय चेहरा होने के साथ-साथ उनका बड़ा जनाधार है. कमलनाथ सरकार में रहे जिन 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं, उन पर अभी उपचुनाव होना है. वहीं 2 अन्य सीटें- आगर मालवा और जौरा सीट का उपचुनाव पहले से प्रस्तावित है. ऐसे में उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए शिवराज जैसा लोकप्रिय चेहरा सामने होना जरूरी है.

जातिगत समीकरण का भी जोर

भाजपा आलाकमान के सामने शिवराज के नाम पर मुहर लगाने की एक और वजह, जातिगत समीकरण भी माना जा रहा है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष पद पर अभी ब्राह्मण और सामान्य वर्ग से क्रमश: वीडी शर्मा और गोपाल भार्गव हैं. इसलिए सामान्य वर्ग के सीएम पद के संभावित नाम नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा पर मुहर लगना मुश्किल लग रहा था. शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से आते हैं. ऐसे में जातिगत समीकरण ने शिवराज की राह आसान कर दी.

आनन-फानन में बुलाई विधायक दल की बैठक

बीजेपी विधायक दल की बैठक पहले 23 मार्च को होनी थी. लेकिन कोरोना के कारण लॉकडाउन की वजह से इस बैठक को स्थगित कर दिया गया और सभी विधायकों को अपने क्षेत्र में जाने की अनुमति दे दी गई थी. लेकिन 23 मार्च को दोपहर अचानक सभी विधायकों को मैसेज भेजा गया कि वो शाम 6 बजे तक विधायक दल की बैठक में शामिल होने भोपाल पहुंचे. जानकारी के मुताबिक विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे.

पहले विधायक दल की बैठक, फिर शपथ समारोह

सोमवार शाम 6 बजे होने वाली विधायक दल की बैठक में शिवराज के नाम पर अंतिम मुहर लगते ही उनके मुख्यमंत्री बनने की औपचारिकता भी पूरी हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक विधायक दल की बैठक के बाद सोमवार शाम ही शिवराज सिंह राजभवन में एक सादे समारोह में सीएम पद की शपथ लेंगे.  ये शपथ ग्रहण समारोह रात 9 बजे होगा.

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First published: March 23, 2020, 4:06 PM IST
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