शिवराज सरकार का बड़ा ऐलान, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर अब देना होगा सिर्फ 1% सेस
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शिवराज सरकार का बड़ा ऐलान, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर अब देना होगा सिर्फ 1% सेस
कोरोना के कारण संकट में पड़े रियल एस्टेट कारोबार को मंदी से उबारने की कोशिश

पहले नोटबंदी (Demonetisation), फिर जीएसटी (GST) और अब लॉकडाउन के कारण रियल एस्टेट कारोबार की गतिविधियां मंदी हो गई थीं. ऐसे में सरकार की तरफ से रियल एस्टेट कारोबार को बूम देने के लिए ये शुरुआती पहल है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में सुस्त पड़े रियल स्टेट कारोबार को सरकार कुछ नयी सांसें देने जा रही है. शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री में स्टांप ड्यूटी पर सेस तीन फीसदी घटाकर अब सिर्फ 1 फीसदी कर दिया है. प्रदेश में अब शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने के लिए सिर्फ एक फीसदी उपकर देना होगा. इससे प्रदेश के शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि सरकार का फैसला हर परिवार को घर दिलाने का है. कोरोना काल में आर्थिक गतिविधियां लॉक डाउन की वजह से लगभग समाप्त हो गई थीं. रियल एस्टेट कारोबार पर भी इसका विपरीत असर पड़ा. लोगों की बिक्री क्षमताएं सीमित होने के कारण संपत्तियों की खरीद-फरोख्त भी प्रभावित हुई है. अब यह जरूरी हो गया है कि आर्थिक गतिविधियां बढ़ें और रियल एस्टेट कारोबार में बूम आए. इसकी चिंता करना होगी. इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी की खरीद बिक्री पर स्टांप ड्यूटी में छूट देने का फैसला किया है.

31 दिसंबर तक छूट
सरकार के फैसले के तहत 31 दिसंबर 2020 तक ये व्यवस्था लागू रहेगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे रियल एस्टेट कारोबार में तेजी आएगी और प्रॉपर्टी के कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा. मुख्यमंत्री का कहना है कि जल्द ही सरकार कुछ और नये कदम उठाकर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगी.



संकट से उबारने की कोशिश
लॉक डाउन और कोरोना संकट के कारण प्रदेश में रियल एस्टेट कारोबार की गतिविधियां ठप्प पड़ गयी हैं. पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी और अब लॉकडाउन के कारण रियल एस्टेट कारोबार की गतिविधियां मंदी हो गई थीं.ऐसे में सरकार की तरफ से रियल एस्टेट कारोबार को बूम देने के लिए ये शुरुआती पहल है. इसका असर रियल एस्टेट कारोबार को मंदी से उबारने में कितना सफल साबित होता है यह देखना होगा.
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