जूनियर डॉक्टर्स ने वापस ली हड़ताल, मंत्री ने कहा-हमने मान लीं मांग

जूडा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात की.

Bhopal-मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मैं हड़ताल वापस लेने के लिए juda को धन्यवाद देना चाहता हूं. ऐसे समय में इस तरीके की हड़ताल नहीं होनी चाहिए थी. जूडा की जो मांगे हैं सरकार ने उन्हें मान लिया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स (JUDA) ने हड़ताल (Strike) वापिस ले ली है. राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात के बाद जूडा ने इसका ऐलान किया. अब सभी जूनियर डॉक्टर्स पहले की तरह अपनी नियमित सेवाएं देते रहेंगे. सरकार से मिले आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ली गयी.

मध्य प्रदेश में आज से हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स ने अपनी हड़ताल को वापस ले लिया है. आज गैर कोविड-19 मरीजों के इलाज का बहिष्कार कर हड़ताल की शुरुआत की थी. उन्होंने यह चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों को कल सुबह 8:00 बजे तक नहीं  माना गया तो वह कोविड मरीजों का इलाज भी नहीं करेंगे और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

मंत्री से मुलाकात
हड़ताल के बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से juda के प्रतिनिधि मंडल ने भोपाल में मुलाकात की. उनके बीच लंबी बातचीत चली. मुलाकात के बाद juda ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया. जूनियर डॉक्टर्स अब अपनी नियमित सेवाएं देते रहेंगे.

सरकार ने मानी मांगें
Juda के अध्यक्ष हरीश पाठक ने बताया कि मंत्री विश्वास सारंग से उनकी मुलाकात हुई. सरकार ने उनकी मांगें मान ली हैं, जल्द ही आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है. मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मैं हड़ताल वापस लेने के लिए juda को धन्यवाद देना चाहता हूं. ऐसे समय में इस तरीके की हड़ताल नहीं होनी चाहिए थी. जूडा की जो मांगे हैं सरकार ने उन्हें मान लिया है.

क्या हैं जूडा की मांगें ?
जूनियर डॉक्टर्स ने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी थीं और यह आरोप लगाया था कि इनमें से कुछ मांगे तो ऐसी हैं जिनका वायदा खुद मुख्यमंत्री की ओर से किया गया था लेकिन उन्हें एक साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है.

सरकार की ओर से 6% सालाना मानदेय बढ़ाने का वायदा पूरा किया जाए

जूनियर डॉक्टरों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जाए

कोरोना के दौरान प्रति महीने 10 हज़ार रुपये मानदेय देने का वायदा पूरा किया जाए

जूनियर डॉक्टर्स को ग्रामीण सेवा के बंधन से मुक्त किया जाए

कोरोना काल में सेवा के लिए प्रशस्ती पत्र दिया जाए जिसका फायदा सरकारी भर्तियों में मिले