...तो सिंधिया की वजह से टला शिवराज कैबिनेट का विस्‍तार! जानें अंदरखाने क्‍या चल रहा
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...तो सिंधिया की वजह से टला शिवराज कैबिनेट का विस्‍तार! जानें अंदरखाने क्‍या चल रहा
ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) अपनी पसंद के सभी समर्थक विधायकों को मंत्री बनवाने के मुड में है. (फाइल फोटो)

Shivraj Cabinet Expansion: ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी अपने समर्थकों को मंत्री बनाने पर अड़े हैं. ऐसे में सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए संतुलन स्‍थापित करना एक चुनौती है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बीजेपी की सरकार बनने के तीन महीने बाद भी अभी तक मंत्रिमंडल का पूरा विस्तार नहीं हो पाया है. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) को लेकर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन, अभी तक मंत्रिमंडल में किस-किस को जगह दी जाए, इस पर सहमति नहीं बन सकी है. ऐसे में कुछ समय के लिए कैबिनेट विस्तार टल गया है. जानकारी के मुताबिक, पुराने विधायक और पूर्व मंत्री खुद को मंत्रिमंडल में लेने के लिए दबाव बना रहे हैं. ऐसे में पुराने और नए चेहरों के साथ सामंजस्‍य बैठाने में समस्या हो रही है. वहीं, बताया जाता है कि ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भी अपने समर्थकों को कैबिनेट में जगह दिलाने को लेकर अड़े हैं. ऐसे में शिवराज कैबिनेट का विस्‍तार टल गया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अब बीजेपी सरकार मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि पुराने विधायकों के साथ-साथ नए चेहरों को भी जगह दी जा सके. वहीं, कहा जा रहा है कि सीएम शिवराज सिंह चौरान के दिल्ली से भोपाल पहुंचने के बाद विधायक भूपेंद्र सिंह (Bhupendra Singh) और संजय पाठक ने बीजेपी कार्यालय जाकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात की. ऐसे में इसे कैबिनेट विस्तार की कोशिश के रूप में ही देखा जा रहा है.

...तो यहां अटकी है बात
कांग्रेस छोड़कर समर्थकों संग बीजेपी में शामिल हुए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की भूमिका भी अहम हो गई है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) अपनी पसंद के सभी समर्थक विधायकों को मंत्री बनवाने के मूड में हैं. उनकी भाजपा के साथ जितने मंत्री पद को लेकर बात हुई थी, उसमें से वह एक भी कम करने को तैयार नहीं हैं. इसके अलावा वह कांग्रेस से भाजपा में आए एंदल सिंह कंसाना, हरदीप डंग, बिसाहूलाल सिंह और रणवीर जाटव को भी मंत्री बनाने का भरोसा दे चुके हैं. यही वजह है कि अपनी मांग से सिंधिया पीछे नहीं हट रहे हैं. ऐसे में शिवराज सरकार के लिए और मुश्किल हो गया है कि सिंधिया के साथ-साथ अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कैसे खुश रखा जाए.



गुरुवार को भोपाल पहुंच सकते हैं सिंधिया


उधर उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) को मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. राष्ट्रपति की ओर से आनंदीबेन को यह जिम्मेदारी तब दी गई है, जब स्वास्थ्य कारणों से मध्य प्रदेश के 85 वर्षीय राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) छुट्टी पर हैं. वहीं, अब खबर है कि आनंदी बेन पटेल बुधवार को दोपहर बाद भोपाल पहुंच जाएंगी. वह शाम 4.30 बजे मप्र के प्रभारी राज्यपाल की शपथ लेंगी. सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुरुवार को भोपाल आने की बात कही जा रही है.
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