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मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को पद्म सम्मान

मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को पद्म सम्मान

मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को सोमवार को पद्म पुरस्करों से नवाजा गया. एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदौर के आचार्य पंडित गोकुलोत्सव को पद्म भूषण से जबकि इंदौर की ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जनक पलटा और भोपाल के डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को पद्मश्री से सम्‍मानित किया.

मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को सोमवार को पद्म पुरस्करों से नवाजा गया. एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदौर के आचार्य पंडित गोकुलोत्सव को पद्म भूषण से जबकि इंदौर की ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जनक पलटा और भोपाल के डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को पद्मश्री से सम्‍मानित किया.

मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को सोमवार को पद्म पुरस्करों से नवाजा गया. एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदौर के आचार्य पंडित गोकुलोत्सव को पद्म भूषण से जबकि इंदौर की ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जनक पलटा और भोपाल के डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को पद्मश्री से सम्‍मानित किया.

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मध्य प्रदेश की तीन हस्तियों को सोमवार को पद्म पुरस्करों से नवाजा गया. एक गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदौर के आचार्य पंडित गोकुलोत्सव को पद्म भूषण से जबकि इंदौर की ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. जनक पलटा और भोपाल के डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को पद्मश्री से सम्‍मानित किया.

पंडित गोकुलोत्सव महाराज:

पंडित गोकुलोत्सव महाराज को शास्त्रीय संगीत, दर्शन शास्त्र, विद्वता के गुणों के लिए पद्म भूषण की उपाधि से नवाजा गया. गोकुलोत्‍सव को प्रसार भारती, सूचना प्रसारण मंत्रालय में टॉप ग्रेड प्राप्त है. वह दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके हैं. उन्होंने विश्व सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया. वे इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन के सदस्य हैं. उन्हें डिलीट की उपाधि भी मिल चुकी है. वे डॉ. हरिसिंह गौर सागर यूनिवर्सिटी में प्रथम जज हैं तथा भारत भवन के ट्रस्टी हैं. आचार्य को राष्ट्रीय तानसेन अवॉर्ड, ग्लोरी ऑफ नेशन और पद्मश्री भी मिल चुका है. इसके अलावा कलाआचार्य, ब्रह्मविद्या और वाचस्पति उपाधि मिल चुकी है.


जनक पलटा:

“जनक दीदी’ के नाम से मशहूर 66 वर्षीय जनक पलटा मगिलिगन 30 साल से महिला ग्रामीण उत्थान के लिए काम कर रही हैं. उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया. उन्होंने 1985 में सनावदिया में बरली डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट फॉर रूरल वुमन नामक प्रशिक्षण संस्थान शुरू किया. पति जिमी के साथ महिला सशक्तिकरण सौर ऊर्जा के लिए काम किया. उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हुआ, लेकिन समाजसेवा का इरादा कमजोर नहीं हुआ.

ज्ञान चतुर्वेदी:

चिकित्सा के पेशे में अपनी गंभीरता और साहित्य के क्षेत्र में चुटीली लेखनी से गुदगुदाने वाले डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी (64) का चयन साहित्य के क्षेत्र में पद्मश्री से नवाजा गया. जाने-माने व्यंग्यकार डॉ. चतुर्वेदी ने इंटरनल मेडिसिन में एमडी की है. कस्तूरबा अस्पताल से चीफ मेडिकल सर्विसेस के पद से 2012 में रिटायर्ड हुए हैं. इसके बाद वे निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं. साथ ही वे साहित्य के क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय हैं.

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