मध्यप्रदेश में गधों और खच्चरों की संख्या में इजाफा, 5 साल में हो गए दोगुने से ज्यादा

18वीं पशुगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश में खच्चरों की संख्या 2617 थी, जो 19वीं पशुगणना में बढ़कर 6989 हो गई है.

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 2, 2019, 6:18 PM IST
Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 2, 2019, 6:18 PM IST
पाकिस्तान के गधों के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा. लेकिन अब हिंदुस्तान का दिल भी गधों से गुलज़ार हो रहा है. जी हां, हिंदुस्तान के दिल यानी मध्यप्रदेश में गधों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है. पिछले 5 सालों में गधों की संख्या में दोगुने से ज्यादा इजाफा हुआ है. अमूमन हर बात का श्रेय लेने में आगे रहने वाले मंत्री जी गधों की बढ़ती संख्या पर बचते नजर आए. मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री का कह़ना है कि ये बात अभी उनके संज्ञान में नहीं है. लेकिन आंकड़े तो दूध का दूध और पानी का पानी कर रहे हैं. अब सवाल ये उठता है कि गधों की बढ़ी आबादी का क्रेडिट लेगा कौन?

गधों और खच्चरों की संख्या हुई दोगुनी, Number of asses and mules doubled
19वी पशुगणना में के अनुसार मध्यप्रदेश में खच्चरों की संख्या 6989 हो गई है(फाइल फोटो)


गधों की आबादी बढ़ाने में पिछली सरकार का अविस्मरणीय योगदान है क्योंकि आंकड़े ये कह रहे हैं कि पिछली सरकार में ही गधों की आबादी बढ़ी है. 18वी पशु गणना के मुताबिक मध्यप्रदेश में खच्चरों की संख्या 2617 थी, जो 19वी पशुगणना में बढ़ कर 6989 हो गई. इस हिसाब से 18वीं से 19वीं पशुगणना में खच्चरों की संख्या में 167.1 फीसदी इजाफा हुआ. जबकि खच्चरों के उलट गाय, भैंस, बकरियों की संख्या में कमी आई है.

गधों और खच्चरों की संख्या हुई दोगुनी, Number of asses and mules doubled
18वी की तुलना में 19वी पशुगणना में खच्चरों की संख्या में 167.1 फीसदी इजाफा हुआ है.


इस मामले में जहां सरकार बचती नजर आ रही है वहीं विपक्ष सरकार पर कटाक्ष करते हुए कह रहा है "घोंड़े को नहीं मिल रही घास देखों, गधें खा रहे च्यवनप्राश देखो."

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First published: August 2, 2019, 3:53 PM IST
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