नोटबंदी का एक सालः भोपाल, इंदौर और रायपुर में ये देते हैं सबसे ज्यादा इनकम टैक्स
Bhopal News in Hindi

नोटबंदी का एक सालः भोपाल, इंदौर और रायपुर में ये देते हैं सबसे ज्यादा इनकम टैक्स
नोटबंदी पर गर्मायी सियासत के बीच बात मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स भरने वालों की. दोनों राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनिया हैं जो सर्वाधिक टैक्स जमा करने वालों में टॉप तीन में है. इस में छत्तीसगढ़ की एसईसीएल, मध्यप्रदेश की एनसीएल और एनएचडीसी शामिल है.

नोटबंदी पर गर्मायी सियासत के बीच बात मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स भरने वालों की. दोनों राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनिया हैं जो सर्वाधिक टैक्स जमा करने वालों में टॉप तीन में है. इस में छत्तीसगढ़ की एसईसीएल, मध्यप्रदेश की एनसीएल और एनएचडीसी शामिल है.

  • Share this:
नोटबंदी पर गर्मायी सियासत के बीच बात मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स भरने वालों की. दोनों राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनिया हैं जो सर्वाधिक टैक्स जमा करने वालों में टॉप तीन में है. इस में छत्तीसगढ़ की एसईसीएल, मध्यप्रदेश की एनसीएल और एनएचडीसी शामिल है.

वहीं, आयकर विभाग की टॉप-सौ टैक्स पेयर्स की सूची में व्यक्तिगत तौर से सर्वाधिक कर जमा करने वालों में भोपाल की रमेश चन्द्र लाहोटी, डाक्टर मालती भोजवानी, नितिन श्रीपाल शाह और राम मनोहर सिंह, मुकेश जैन शामिल है.

इंदौर के राजीव चौधरी, गिरधर लाल शर्मा, नितिन बोथरा तो रायपुर के राजेश अग्रवाल ,रमेश कुमार जैन और राहुल अग्रवाल शामिल है. आयकर विभाग के भोपाल जोन में 30 लोग ऐसे हैं जो 5 करोड़ से 95 लाख रुपए तक सालाना टैक्स भरते हैं.



मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक इन्कमटैक्स जमा करने वालों की बात करें तो टॉप थ्री में पब्लिक सेक्टर की तीन कम्पनियां काबिज हैं. इस में छत्तीसगढ़ की एसईसीएल यानि साऊथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड,मध्यप्रदेश की एनसीएल यानि नेशनल कोलफील्ड्स लिमिटेड और एनएचडीसी शामिल हैं.



आयकर विभाग के भोपाल जोन में टॉप- सौ करदाताओं की सूची पर गौर करें तो व्यक्तिगत रुप से ढाई दर्जन ऐसे लोग हैं जो 5 करोड़ से 95 लाख रुपए तक वार्षिक टैक्स भरते हैं. टॉप- सौ टैक्सपेयर्स में भोपाल के सुरेश चन्द्र अग्रवाल, दीपक अरोरा , डाक्टर मालती भोजवानी, रमेश चन्द्र लाहोटी,मुकेश जैन, नितिन श्रीपाल शाह, राम मनोहर सिंह,सरोज सिंह ठाकुर शामिल हैं. इनमें से दो ज्वैलरी कारोबार से जुड़े हैं.

इंदौर के राजीव चौधरी, गिरधर लाल शर्मा और नितिन बोथरा और रायपुर के राजेश अग्रवाल,रमेश कुमार जैन ,राहुल अग्रवाल, संजय जैन और वैंकटेस गोयल शुमार हैं. 30 टैक्सपेयर ऐसे हैं जो 90 लाख रुपए से अधिक टैक्स हर साल जमा करते हैं.

भोपाल के कुछ कारोबारी हैं जो पांच करोड़ रूपए से अधिक टैक्स जमा करते हैं. ये करदाता हर साल 40 से 50 लाख रुपए बतौर एडवांस टैक्स जमा करते हैं.

मध्य प्रदेश मे टॉप टैक्स पेयर कंपनियों में भले ही निजी कंपनियां शामिल नहीं है, लेकिन सबसे ज्यादा कर निजी कंपनियों के जरिए ही आयकर विभाग को मिलता है.

भोपाल की निजी कंपनी विंध्य टेलीलिमिटेड सबसे ज्यादा 20.75 करोड़ रुपए टैक्स जमा करती है. इंदौर में श्रीजी पालीमर लिमिटेड हैं जो 15.3 करोड़ रुपए हर साल टैक्स पे करती हैं. ये दोनों कंपनियां का टॉप टैक्स पेयर कंपनियों की सूची में 14 वें 17 वें नम्बर पर हैं.

यह कंपनियां हर साल औसतन 15 से 17 करोड़ रुपए के बीच में टैक्स जमा करती हैं. यह कंपनियां एडवांस टैक्स के रूप में तीन से चार करोड़ रुपए जमा करती हैं. इस तरह से करीब चालीस ऐसी निजी कंपनियां हैं. जो हर साल एक करोड रुपए से ज्यादा टैक्स जमा करती है.

एमपी में छत्तीसगढ़ से ज्यादा टैक्स कलेक्शन कंपनियों के माध्यम से होता है. कंपनी और फर्म को देखा जाए 96 हजार अधिक कंपनियां और फर्म रजिस्टर्ड हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading