परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कटाक्ष- 'CM को समय देना ही होगा'

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री की अपनी व्यस्तताएं हैं, लेकिन विधायक और मंत्रियों की समस्याएं सुनने के लिए उन्हें हमें समय तो देना ही होगा.

News18 Madhya Pradesh
Updated: June 21, 2019, 10:44 AM IST
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कटाक्ष- 'CM को समय देना ही होगा'
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
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Updated: June 21, 2019, 10:44 AM IST
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बाद अब परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा है. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री की अपनी व्यस्तताएं हैं, लेकिन विधायक और मंत्रियों की समस्याएं सुनने के लिए उन्हें हमें समय तो देना ही होगा.

लिहाजा, राजपूत की इस टिप्पणी ने सिंधिया खेमे और कमलनाथ समर्थकों के बीच चल रही गुटबाजी को और हवा दे दी है. हालांकि कमलनाथ ने पहले ही साफ कर दिया है कि सभी को अपनी बात कहने का पूरा वक्त मिलेगा, लेकिन जब उनकी बारी आएगी.

'अगर मंत्री कुछ कहना चाहते हैं तो सुनना होगा'

मीडिया से बातचीत में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मंत्री कुछ कहना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री को सुनना होगा. उन्होंने कहा कि कैबिनेट में बीते बुधवार को तोमर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की सियासत नहीं है. अब इस पर तो आलाकमान ही फैसला लेगा.

'कैबिनेट मीटिंग के बाद देर शाम फिर जुटे थे मंत्री'

मिली जानकारी के मुताबिक कैबिनेट के बाद बुधवार देर शाम मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के आवास पर तोमर, डॉ. प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट, इमरती देवी फिर से एकत्रित हुए थे. इसके बाद तोमर और इमरती अपने क्षेत्र के लिए रवाना हो गए. बता दें कि सिंधिया कैंप के मंत्रियों की ये दूसरी मुलाकात थी.

'सरकार में न तो किसी से मतभेद है और ना ही मनभेद'
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कैबिनेट में हुए घमासान के बाद गुरुवार को ग्वालियर में मंत्री उमंग सिंघार, इमरती देवी और प्रद्युम्न तोमर ग्वालियर में मिले. तब उस दौरान तोमर ने कहा कि सरकार में किसी के बीच कोई मतभेद या मनभेद नहीं है. हमएक साथ मिल-जुलकर काम कर रहे हैं.

बहरहाल, तोमर और राजपूत की बयानबाजी से कमलनाथ खेमे के नेता नाराज हैं और दोनों को मंत्रीपद से हटाना चाहते हैं. हालांकि कमलनाथ की तरफ से अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं. हालांकि इस मसले पर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को ही लेना है.

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First published: June 21, 2019, 10:44 AM IST
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