पचमढ़ी आर्मी कैंप से इंसास राइफल और कारतूस चुराने वाले 2 आरोपी पंजाब में गिरफ़्तार
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पचमढ़ी आर्मी कैंप से इंसास राइफल और कारतूस चुराने वाले 2 आरोपी पंजाब में गिरफ़्तार
पचमढ़ी आर्मी कैंप से राइफल चुराने के मामले में गिरफ़्तारी

पचमढ़ी (Pachmadhi) आर्मी कैम्प (army camp) से दो इंसास राइफल और कारतूस चोरी होने के बाद आर्मी और पुलिस में हड़कंप मचा हुआ था. चोरी की ये वारदात 5 और 6 दिसंबर की दरमियानी रात में हुई थी.

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भोपाल. पचमढ़ी (Pachmadhi) के आर्मी कैंप (army camp) से 2 इंसास राइफल और कारतूस चोरी के मामले में  हरप्रीत सिंह (harpreet singh) और उसके साथी जग्गा उर्फ जगतार सिंह (jagtaar singh) को गिरफ़्तार कर लिया गया है. हरप्रीत फौजी है और पहले पचमढ़ी में ट्रेनिंग ले चुका है. हरप्रीत की गिरफ़्तारी पंजाब के होशियारपुर (hoshiyaarpur) में मियाणी गांव से हुई. ख़बर है कि उसके साथ पचमढ़ी आए साथी जगतार सिंह उर्फ जग्गा को टांडा से गिरफ़्तार किया गया है.

पचमढ़ी आर्मी ट्रेनिंग सेंटर से पिछले हफ़्ते गुरुवार 5 -6 दिसंबर की दरमियानी रात दो अज्ञात युवक 2 इंसास राइफल और 20 कारतूस चुरा ले गए थे. चोरी का पता चलते ही सेना और पुलिस में हड़कंप मचा हुआ था. तब से आरोपियों की तलाश की जा रही थी. बीती आधी रात पंजाब में एमपी एटीएस और सेना ने सर्चिंग अभियान चलाया और उसने होशियापुर के मियाणी से मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच की जा रही है.

पचमढ़ी में रह चुका है हरप्रीत
पता चला है कि होशंगाबाद पचमढ़ी आर्मी कैंप से राइफल चुराने वाला आरोपी हरप्रीत सिंह फौजी है वो आर्मी बैंड की ट्रेनिंग के लिए पहले भी पचमढ़ी आ चुका था.
ऐसे आगे बढ़ी जांच


आरोपी हरप्रीत सिंह अपने साथी जगतार सिंह के साथ पचमढ़ी आया था. वो पिपरिया से टैक्सी के ज़रिए पचमढ़ी पहुंचे थे. यहां खुद को फौजी अफसर बताकर कैंप में दाखिल हुए थे और यहां से इंसास राइफल और कारतूस चुरा ले गए थे. दोनों आरोपी टैक्सी से ही पिपरिया स्टेशन लौट गए थे. बाद में सीसीटीवी फुटेज में दोनों दिखाई दिए थे. उसके आधार पर आगे बढ़ी. जांच में पता चला था कि दोनों आरोपियों ने पिपरिया में दो बार ATM का उपयोग था. मोबाइल फोन की लोकेशन मिलने पर होशंगाबाद पुलिस होशियारपुर पहुंची थी.

चोरी के बाद मचा था हड़कंप
पचमढ़ी आर्मी कैम्प से दो इंसास राइफल और कारतूस चोरी होने के बाद आर्मी और पुलिस में हड़कंप मचा हुआ था. चोरी की ये वारदात 5 और 6 दिसंबर की दरमियानी रात में हुई थी. दोनों आरोपी काला ट्रैक सूट और कैप लगाए थे. गेट पर तैनात संतरी को उन्होंने अपना परिचय आर्मी अफसर के तौर पर दिया और अंदर दाख़िल हो गए. उसके बाद वहां से दो इंसास राइफल और 20 राउंड कारतूस लेकर चले गए. दोनों आरोपी कार में सवार होकर पिपरिया की तरफ रवाना हो गए थे. तहकीकात में पता चला था कि दोनों संदिग्धों ने रात 12. 30 बजे पिपरिया से टैक्सी ली थी और वापस पिपरिया रेलवे स्टेशन लौट गए थे.

हर तरफ नाकाबंदी
इस घटना के बाद पुलिस और आर्मी ने सर्चिंग शुरू कर दी थी. सभी जगह नाकेबंदी कर हर गाड़ी और आने-जाने वाले की तलाशी ली गयी. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सड़क से आने-जाने बाहरी वाहनों की भी गहन जांच की गयी थी. मामला आर्मी का होने के कारण पीएचक्यू तक सब हाई अलर्ट पर थे.

(होशंगाबाद से शैलेन्द्र कौरव और भोपाल से मनोज राठौर का इनपुट)

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