उमा भारती को अब दिग्विजय सिंह की बातें कमेंट करने लायक नहीं लगतीं...
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उमा भारती को अब दिग्विजय सिंह की बातें कमेंट करने लायक नहीं लगतीं...
दिग्विजय सिंह की बातें उमा भारती को कमेंट करने लायक नहीं लगतीं...

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राममंदिर ट्रस्ट पर एक चिट्ठी पीएम मोदी को लिखी है. इसमें उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नया ट्रस्ट बनाने पर ही ऐतराज जताया है.

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भोपाल.पहले कई मुद्दों पर फील्ड से लेकर कोर्ट तक में टकरा चुकी बीजेपी नेता उमा भारती (uma bharti) अब पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (digvijay singh) की बातों पर ध्यान ही नहीं देना चाहतीं.फिर बात चाहें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (ram mandir) की ही क्यों ना हो. उमा भारती तो अब कह रही हैं कि दिग्विजय सिंह की बातें कमेंट करने लायक नहीं होतीं.

मसला राममंदिर ट्रस्ट लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के पीएम मोदी को चिट्ठी लिखने का है. उमा भारती ने आज इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उमा का सोचना है भोपाल लोकसभा चुनाव में हार के बाद खुद को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए दिग्विजय सिंह इस तरीके के बयान दे रहे हैं. और अब वो दिग्विजय सिंह के बयानों पर प्रतिक्रिया देना भी बेहतर नहीं समझतीं.

गोविंद सिंह को संघ में आने का न्यौता
उमा भारती ने दिग्विजय सिंह खेमे के मंत्री डॉ गोविंद सिंह को भी जवाब दिया. गोविंद सिंह का आरोप था कि ट्रस्ट का संघीकरण कर दिया गया है. इस पर उमा भारती ने गोविंद सिंह को भी संघ में शामिल होने का न्यौता दे दिया. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राममंदिर ट्रस्ट पर सवाल ​उठाते हुए पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. इसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि ट्रस्ट में अपराधियों, संघ से जुड़े लोगों और सरकारी लोगों को शामिल करना कहां तक ठीक है.



दिग्विजय सिंह की चिट्ठी


पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने राममंदिर ट्रस्ट पर एक चिट्ठी पीएम मोदी को लिखी है. इसमें उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए नया ट्रस्ट बनाने पर ही ऐतराज जताया है. उन्होंने याद दिलाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान रामालय ट्रस्ट का गठन किया जा चुका है. इसलिए नया ट्रस्ट बनाने का क्या मतलब. ट्रस्ट में किसी प्रमाणित शंकराचार्य को शामिल न करने पर भी सवाल उठाए थे. दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट में वासुदेवानंद को शंकराचार्य के तौर पर शामिल करने का विरोध किया क्योंकि वो बाबरी मस्जिद प्रकरण में अपराधी हैं. दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट में सरकारी अधिकारियों के मनोनयन को भी गलत करार दिया था. है

इन 4 नामों पर दिग्विजय सिंह को आपत्ति
1- चंपत राय - वीएचपी के प्रांतीय उपाध्यक्ष हैं, वीएचपी का सनातन धर्म से कोई लेना देना नहीं है. वह केवल आर एस एस का एक संगठन है.
2- अनिल मिश्रा - अयोध्या में एक होम्योपैथिक डॉक्टर हैं और आरएसएस के प्रांत कार्यवाहक हैं
3- कामेश्वर चौपाल - बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं
4- गोविंद देव गिरि - संघ के पुराने प्रचारक रहे हैं

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First published: February 25, 2020, 2:43 PM IST
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