Lockdown News: देवास, पन्ना और मंडला भी पूरी तरह बंद, MP में एक्टिव केस 32 हजार पार

सीएम शिवराज ने भोपाल में आला अफसरों के साथ कोरोना समीक्षा बैठक की. (File)

सीएम शिवराज ने भोपाल में आला अफसरों के साथ कोरोना समीक्षा बैठक की. (File)

Lockdown News: मध्य प्रदेश सरकार ने देवास, पन्ना और मंडला पूरी तरह बंद कर दिए हैं. कोरोना की रफ्तार जबरदस्त बढ़ गई है. इस वजह से एक्टिव केस भी लगातार बढ़ रहे हैं.

  • Last Updated: April 11, 2021, 12:04 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश में बेकाबू होते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार लॉकडाउन (Lockdown) की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है. सरकार ने हालांकि, इसके आधिकारिक आदेश तो नहीं निकाले हैं, लेकिन जिस तरह धीरे-धीरे जिलेवार लॉकडाउन लगाया जा रहा है, उससे ऐसा होते हुए ही दिख रहा है. सरकार ने रविवार को पन्ना में 15 अप्रैल को सुबह 6 बजे तक, जबकि मंडला और देवास जिलों में 19 अप्रैल को सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी.

बता दें, सरकार ने 1 दिन पहले ही 11 जिलों में 9 दिनों का लॉकडाउन लगा दिया था. यह लॉकडाउन शाजापुर छिंदवाड़ा, कटनी, रतलाम, बैतूल, खरगोन, सिवनी, बड़वानी, राजगढ़, बालाघाट, विदिशा और नरसिंहपुर में लगाया गया. इन जिलों को पूरी तरह से बंद करने का फैसला आपदा प्रबंध समिति और मंत्रिमंडल के सदस्यों की हुई बैठक के बाद लिया गया. सरकार इंदौर के साथ राऊ, महू, शाहजहांपुर और उज्जैन के शहरी क्षेत्रों में 19 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन का फैसला ले चुकी है. यह सभी पहले 12 अप्रैल की सुबह 6:00 बजे खुलने वाले थे. बड़वानी, राजगढ़, विदिशा जिले में भी 19 अप्रैल की सुबह तक लॉकडाउन को बढ़ाया गया है.

एक्टिव केस की संख्या में जबरदस्त इजाफा

इधर, कोरोना संक्रमण तेजी के साथ प्रदेश में अपने पैर पसारता जा रहा है. बीते 1 हफ्ते में कोरोना एक्टिव केस की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है. प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 32 हजार के पार पहुंच गई है. प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट बढ़ कर 12.1 फीसदी हो गया है. 1 हफ्ते में पांच हजार से ज्यादा केस बढ़े हैं. प्रदेश में इंदौर सबसे ज्यादा संक्रमित होकर एक नंबर पर है, जबकि भोपाल दूसरे नंबर पर है.
कोरोना से लड़ाई के लिए 104 करोड़ रुपए मंजूर

प्रदेश में कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए सरकार ने 104 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं. इस लिहाज से हर एक जिले को दो करोड़ की राशि मिलेगी.  इस राशि से कलेक्टर तात्कालिक रूप से कोरोनावायरस से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर सकेंगे.

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सुझावों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है. साथ ही सरकार ने अब यह तय किया है कि जिलों के हालातों के मुताबिक ही फैसले लिए जाएंगे. सरकार ने मंत्रियों को भी जिलों के प्रभार  सौपें हैं, जो कोरोनावायरस में व्यवस्थाओं पर नजर रखने का काम करेंगे.
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