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केंद्रीय मंत्री अमित शाह के सुझाव के बाद पुलिस ने ली NAFIS की मदद, 15 दिन में पकड़ लिए दर्जनों बदमाश

केंद्रीय मंत्री अमित शाह के सुझाव के बाद पुलिस ने ली NAFIS की मदद, 15 दिन में पकड़ लिए दर्जनों बदमाश

MP Police Samachar. पिछले महीने 22 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री अमित शाह एक दिन के दौरे पर भोपाल आए थे. यहां वो CAPT के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

MP Police Samachar. पिछले महीने 22 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री अमित शाह एक दिन के दौरे पर भोपाल आए थे. यहां वो CAPT के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.

...देश के किसी भी कोने में छुपे अपराधी को ढूंढ निकालना हुआ आसान...

भोपाल. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नसीहत का MP पुलिस पर असर दिखने लगा है. पुलिस ने NAFIS का बेहतर उपयोग शुरू कर दिया है. इससे अपराधियों की घरपकड़ तेज हो गयी है. अकेले राजधानी भोपाल में पुलिस 15 दिन में 4 केस सुलझाया चुकी है. अपराधियों के डेटा को तेजी से अपलोड किया जा रहा है. इसका फायदा ये हुआ कि देश के किसी भी कोने में छुपे अपराधी को ढूंढ निकालना आसान हो गया है.

राजधानी भोपाल में कुछ दिन पहले दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पुलिस को सलाह दी थी कि वो अपराधियों-गुंडे-बदमाशों को पकड़ने में आधुनिक तकनीक का उपयोग करें. मध्य प्रदेश पुलिस ने तत्काल उनकी सलाह पर गौर किया और काम शुरू हो गया. अमित शाह ने जिस सॉफ्टवेयर के जरिए अपराधियों को पकड़ने पर जोर दिया था, उसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल पुलिस ने शुरू कर दिया है. इसका बेहतरीन परिणाम भी सामने आया है. पुलिस ने सिर्फ भोपाल में ही 15 दिन में 4 केस सुलझा लिए हैं. जबकि पूरे मध्यप्रदेश में इसकी संख्या कहीं ज्यादा है.

पुलिस का दोस्त NAFIS
देश के किसी भी कोने में अपराधी छुपा हो उसे ढूंढना पुलिस के लिए अब आसान हो गया है. यह संभव हो पाया है नेशनल ऑटोमेटिक फिंगरप्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम यानि NAFIS से. गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल के CAPT में हाल ही में एक कार्यक्रम में  पुलिस को NAFIS सहित दूसरे आधुनिक सिस्टम के इस्तेमाल की सलाह दी थी. उसी के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने केंद्र की पुलिस से जुड़ी तमाम योजनाओं पर काम करना तेज कर दिया है. पुलिस ने उसी के बाद क्रिमिनल्स को ढूंढ निकालने के लिए नेशनल ऑटोमैटिक फिंगर आइडेंटिटी सिस्टम पर पुलिस का फोकस किया है.

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देश के किसी भी कोने में अपराधी को ढूंढ़ निकालेंगे
भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने जानकारी दी कि इस सॉफ्टवेयर के जरिए भोपाल पुलिस 15 दिन में 4 बदमाशों को पकड़ चुकी है. भोपाल पुलिस कंट्रोल रूम के पास ये लैब है, जिसमें अपराधियों के फिंगरप्रिंट लगातार अपलोड किए जा रहे हैं. यह सेंट्रलाइज व्यवस्था है. इसमें मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्य जुड़े हुए हैं. अभी तक मध्य प्रदेश पुलिस की तरफ से लाखों की संख्या में चोरी, हत्या समेत दूसरे जघन्य अपराधों से जुड़े आरोपियों के फिंगरप्रिंट इस सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिए गए हैं. अब आरोपी यदि दूसरी बार किसी भी वारदात को अंजाम देता है तो इस फिंगरप्रिंट्स की मदद से उसे आसानी से देश के किसी भी कोने में ट्रेस किया जा सकता है.

इस पायलट प्रोजेक्ट को देश के 18 राज्यों में जनवरी 2022 से लागू किया गया है. इसमें घटना के बाद स्पॉट से मिले फिंगर प्रिंट अपलोड किए जाते हैं. इसकी मदद से केस को सॉल्व करने में पुलिस को मदद मिल रही है.

कैसे काम करता है NAFIS
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के इस सॉफ्टवेयर NAFIS में 18 राज्यों की पुलिस को जोड़ा गया है. इन राज्यों की पुलिस ने अपराधियों के फिंगरप्रिंट को अपलोड किया. उसकी पूरी जानकारी फिंगर प्रिंट के साथ सॉफ्टवेयर में दर्ज हो गई है. इस सिस्टम से अपराधियों के फिंगरप्रिंट को मैच किया जाता है. फिंगरप्रिंट मैच होने पर अपराधी की कुंडली सॉफ्टवेयर पर दिखने लगती है.

-पुरानी व्यवस्था में अपराधियों के फिंगरप्रिंट्स मैच करने के लिए उन्हें एक से दूसरी जगह भेजा जाता था. इससे पुलिस को काफी समय लगता था.

– मध्यप्रदेश में इस सिस्टम के तहत पिछले 3 महीने से काम किया जा रहा है और आरोपियों को पकड़ा भी जा रहा है. लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सुझाव के बाद इस पर काम करने का सिलसिला मध्य प्रदेश पुलिस ने तेज कर दिया है.

Tags: Amit shah, Cyber ​​Crime, Madhya pradesh latest news, Madhya pradesh Police

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