कोरोना कर्फ्यू में केंद्रीय पर्यटन मंत्री का पर्यटन! कांग्रेस ने पूछा-ये क्या मंत्रीजी

बेटी के जन्मदिन पर परिवार सहित नर्मदा किनारे प्रह्लाद पटेल

बेटी के जन्मदिन पर परिवार सहित नर्मदा किनारे प्रह्लाद पटेल

Bhopal. प्रह्लाद पटेल (Prahlad patel) कोरोना संकटकाल में अपने संसदीय क्षेत्र दमोह भी नहीं पहुंचे थे. सांसद के ना पहुंचने से नाराज लोगों ने पूरे संसदीय क्षेत्र में उनके लापता होने के पोस्टर लगा दिये थे.

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भोपाल. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल (Prahlad patel) विवाद में आ गए हैं. मामला एक फोटो का है. उसमें वो परिवार के साथ नर्मदा किनारे दिख रहे हैं. कांग्रेस (Congress) कह रही है कोरोना के कहर के बीच जब लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी जा रही है, प्रह्लाद पटेल सैर सपाटा करते नजर आ रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल कोरोना संक्रमण के बीच पूरे परिवार के साथ बाहर घूमने के कारण विपक्ष के निशाने पर हैं. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर पोस्ट की हैं. उसमें पटेल अपने परिवार के साथ बाहर घूमते नज़र आ रहे हैं. मौका उनकी बेटी के जन्मदिन का है. फोटो पोस्ट करते हुए कांग्रेस ने लिखा देश की जनता घरों में कैद है और पर्यटन मंत्री जन्मदिन पर पर्यटन कर रहे हैं.

बेटी के जन्मदिन पर नर्मदा पूजा

कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है. लॉकडाउन है और लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल पूरे परिवार के साथ बेटी का जन्मदिन मनाने जोबट जिले के ककराना घाट पहुंचे. घाट पर श्रीफल अर्पित कर पूरे परिवार के साथ मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया. कोरोना संकट के दौर में भी अधिकारी उनकी आवभगत में लगे हुए थे.
संसदीय क्षेत्र में सांसद के लापता होने के पोस्टर

प्रह्लाद पटेल कोरोना संकटकाल में अपने संसदीय क्षेत्र दमोह भी नहीं पहुंचे थे. सांसद के ना पहुंचने से नाराज लोगों ने पूरे संसदीय क्षेत्र में उनके लापता होने के पोस्टर लगा दिये थे. लोगों ने कहा कि जिस वक्त सांसद की सबसे ज्यादा जरूरत है उस वक्त वो क्षेत्र से लापता हैं. पोस्टर चस्पा होने के 2 दिन बाद सांसद केवल एक बार ही अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे थे.




बिगड़े बोल

मरीजों के परिवार की समस्याएं सुनने पर प्रह्लाद पटेल के बिगड़े बोल सामने आए थे. ऑक्सीजन न मिलने की शिकायत करने पर उनहोंने मरीज के परिजन को दो चांटे लगाने की बात भी कही थी. अब तक केंद्रीय मंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में मरीजों के बीच समस्याएं सुनने के लिए बमुश्किल एक बार ही नजर आए हैं.

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