भोपाल Lockdown: 38 दिन बाद खुले सरकारी दफ्तर, कर्मचारी बोले- साहब अब डर लगता है!
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भोपाल Lockdown: 38 दिन बाद खुले सरकारी दफ्तर, कर्मचारी बोले- साहब अब डर लगता है!
सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर की है.

MP COVID-9 Update: पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (PC Sharma) ने सरकार के इस फैसले को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया है.

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भोपाल. गुरुवार से मध्य प्रदेश के सरकारी कार्यालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में 30 फीसदी कर्मचारियों के साथ कामकाज शुरू हो गया. सुबह दफ्तर के वक्त निर्धारित सीमा में कर्मचारी गेट के बाहर पहुंचे और फिर एक-एक कर उनका अंदर जाने का सिलसिला शुरू हो गया. इस दौरान गेट पर ही सैनिटाइजेशन (Sanitization) और स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी. करीब 38 दिनों के बाद दफ्तर पहुंच रहे कर्मचारियों में इस बात का तो डर नहीं है कि उन्हें दफ्तर बुलाया गया है, बल्कि डर इस बात का है कि जब वे दफ्तर से अपने घर वापस जाएंगे तो क्या होगा?

सतपुड़ा भवन में नौकरी करने वाली कई महिला कर्मचारियों ने दफ्तर बुलाए जाने के सवाल पर कहा कि उन्हें इस बात पर कोई एतराज नहीं है कि उन्हें दफ्तर बुलाया जा रहा है. लेकिन, उन्हें डर है कि जब वे दफ्तर में अपनी ड्यूटी करने के बाद घर पहुंचेंगी तो फिर क्या उनका परिवार सुरक्षित रहेगा. दफ्तर में ड्यूटी के दौरान उन्हें न चाहते हुए भी कर्मचारियों और फाइलों के संपर्क में आना पड़ेगा. ऐसे में संक्रमित होने का डर बना रहेगा. 3 मई से पहले दफ्तर खोले जाने को लेकर कर्मचारियों की राय बंटी हुई थी. कुछ कर्मचारियों का कहना था कि अभी दफ्तर नहीं खोलना चाहिए था, जबकि कुछ का कहना था कि वे भविष्य की चिंता किए बिना काम पर लौटने को तैयार हैं.

3 मई से पहले दफ्तर खोलने पर सवाल!
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 30 अप्रैल से 30 फीसदी स्टाफ के साथ राज्य स्तरीय कार्यालयों में काम शुरू किया जाए, लेकिन सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर की है. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार के इस फैसले को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया है. पीसी शर्मा के मुताबिक, दफ्तर खोलने का फैसला 3 मई के बाद किया जाना चाहिए था, क्योंकि अगर कोई कर्मचारी बाहर से संक्रमित होकर दफ्तर पहुंचता है, तो फिर वह कई और कर्मचारियों को भी संक्रमित कर सकता है. ऐसे में यह जरूरी है कि दफ्तर तभी खोले जाएं जब भोपाल रेड जोन से बाहर हो जाए.
रखनी होगी सावधानी


सरकार ने 30 अप्रैल से वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन को दोबारा खोलने की शुरुआत जरूर की है, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को सख्त निर्देश भी जारी किए गए हैं. कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. साथ ही दफ्तर में प्रवेश करने से पहले उन सभी को खुद को सैनिटाइज भी करना होगा. चेहरे पर मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य तौर पर कराया जाएगा. इसके लिए विभागीय दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे.

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