महिला की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया ये आरोप

राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लाई गई महिला को एडमिट नहीं करने और इस कारण उसकी मौत हो जाने का आरोप लगाकर परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 11, 2019, 5:53 PM IST
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 11, 2019, 5:53 PM IST
राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में लोगों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की. मृतक महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज शुरू करने से पहले तीस हजार रुपए जमा कराने के लिए कहा गया. अस्पताल द्वारा समय पर इलाज शुरू नहीं करने की वजह से ही महिला की मौत हो गई. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद सीएसपी ने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं. उनकी कोशिश है कि पहले मृतिका का पोस्टमार्टम हो जाए. इसके बाद ही वह दोनों पक्षों की तरफ से आवेदन लेंगे. उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर तथ्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी.

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पुलिस के अनुसार हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर तथ्यों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी.


बता दें कि अन्ना नगर निवासी श्यामलाल बंसल तबीयत बिगड़ने पर अपनी पत्नी को इलाज के लिए आईएसबीटी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे. आरोप है कि अस्पताल में इलाज शुरू करने से पहले तीस हजार रुपए जमा कराने के लिए कहा गया. पैसे जमा नहीं करने पर इलाज शुरू नहीं किया गया. समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से ही महिला की मौत हो गई.

इलाज नहीं करने का आरोप

मृत महिला के भाई रवि बंसल ने कहा कि उसकी बहन को खांसी की शिकायत थी और वह कमजोर होते जा रही थी. इसलिए वह उसे सुबह 8.30 बजे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए आया था. उसने कहा कि अस्पताल ने पैसे जमा करने के बाद ही इलाज शुरू करने की बात कही. उसने कहा कि बैंक खुलने के बाद वह पैसे जमा कर देता. इस बीच अस्पताल उसकी बहन को एडमिट कर उसका इलाज शुरू कर दे सकता था.

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया

मृतिका के परिजनों पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने के साथ ही अस्पताल के कर्मियों के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगाया गया.

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वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है. प्रबंधन का कहना है कि महिला को मृत हालत में अस्पताल में लेकर आया गया था. मृत महिला के परिजनों पर अस्पताल के स्टाफ से मारपीट और तोड़फोड़ करने का आरोप भी है. अस्पताल के डॉक्टर जेपी पालीवाल ने कहा कि इलाज उसका किया जाता है जो जीवित हो. उन्होंने जानना चाहा कि जो अस्पताल में मृत लाया जाएगा तो उसका क्या इलाज किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सारी घटनाएं कैमरों में रिकॉर्डेड है. उनसे स्पष्ट और प्रत्यक्ष प्रमाण मिल जाएंगे.

डॉ. पालीवाल ने मृतिका के परिजनों पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने के साथ ही अस्पताल के कर्मियों के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगाया. इस पूरे मामले में पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कह रही है.

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First published: August 11, 2019, 3:28 PM IST
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