भोपाल जिले में मिला 4 वर्ष का अति अतिकुपोषित बच्चा, वजन केवल 3 किलोग्राम

मध्यप्रदेश सालों-साल से कुपोषण की समस्या से जूझ रहा है और एक बार फिर राजधानी के पास बैरसिया क्षेत्र से शर्मसार करने वाली खबर है. बैरसिया के जूनापानी रुनाहा गांव में चार साल का एक अतिकुपोषित बच्चा मिला है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: June 20, 2019, 4:07 PM IST
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Updated: June 20, 2019, 4:07 PM IST
मध्यप्रदेश सालों-साल से कुपोषण की समस्या से जूझ रहा है और एक बार फिर राजधानी के पास बैरसिया क्षेत्र से शर्मसार करने वाली खबर है. बैरसिया के जूनापानी रुनाहा गांव में चार साल का एक अतिकुपोषित बच्चा मिला है. उसका वजन महज तीन किलो है.

तमाम योजनाओं को चला रहा महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग मामले से बेसुध है. मामला उजागर होने पर बाल आयोग के सदस्य बृजेश चौहान ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों ने बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि कब बदलेंगे बच्चों के हालात? कब होगा एमपी कुपोषण फ्री?

एमपी में सरकार भले ही 15 साल बाद बदल गई हो लेकिन कुपोषण के बदतर हालात जस के तस हैं. तस्वीरे और आंकड़ें बताते हैं कि अब भी प्रदेश में 18 लाख से ज्यादा ऐसे बच्चे हैं जो कुपोषण के शिकार हैं. वहीं पांच हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण के कहर से मौत के मुहाने पर खड़े हैं.

4 साल के मासूम बच्चे के दिव्यांग पिता खुद को लाचार मानते हैं. मां-बाप का अरमान है की उनका बच्चा मौत के मुंह से बाहर आ जाए क्योंकि अपने स्तर पर हर मुमकिन कोशिश उन्होंने कर ली, लेकिन बच्चे की स्थिती में कोई सुधार नहीं आया.

मामले की जानकारी मिलने पर बाल आयोग के सदस्य बृजेश चौहान ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों को बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही उन्होंने बच्चे की मॉनिटरिंग करने की बात भी की है.

रिपोर्ट - पूजा माथुर

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