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व्यापम घोटाले ने पुलिस भर्ती पर लगाया ब्रेक : दो साल से नहीं हुईं नयी नियुक्ति, 22 हजार पद खाली
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 3, 2020, 8:03 PM IST
व्यापम घोटाले ने पुलिस भर्ती पर लगाया ब्रेक : दो साल से नहीं हुईं नयी नियुक्ति, 22 हजार पद खाली
व्यापम घोटाला-एमपी में पुलिस विभाग में २२ हजार पद खाली

शिवराज सरकार (shivraj government) में भर्ती पर लगे ब्रेक को कमलनाथ सरकार (kamalnath government) भी नहीं हटा पायी है

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भोपाल.मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) के बहुचर्चित व्यापम महाघोटाले (vyapam scam) का असर पुलिस भर्ती (Police recruitment) पर पड़ रहा है. दो साल से विभाग में भर्ती नहीं हुई है. कॉंस्टेबल से लेकर सब इंस्पेक्टर तक के करीब 22 हज़ार से ज़्यादा पद खाली पड़े हुए हैं. शिवराज सरकार (shivraj government) में भर्ती पर लगे ब्रेक को कमलनाथ सरकार (kamalnath government) भी नहीं हटा पायी है.

मध्यप्रदेश में करीब 1 लाख 20 हजार पुलिस फोर्स है.इनमें 93 हजार से ज्यादा फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी हैं. 26 हजार से ज्यादा का फोर्स एसएएफ का है.पिछले दो साल से पुलिस फोर्स में जवानों के रिटायरमेंट का सिलसिला चल रहा है. इस वजह से फोर्स कम होना शुरू हो जाएगा. है.तत्कालीन शिवराज सरकार ने हर साल पांच हजार पुलिस जवानों को भर्ती करने का टारगेट रखा था.लेकिन 2018 से पुलिस भर्ती नहीं हो सकी.इसका कारण व्यापम घोटाला बताया गया.

ईमानदारी का वादा
प्रदेश में सरकार बदल गयी. बीजेपी सरकार में घोटाला हुआ था और अब कांग्रेस सरकार है. लेकिन वर्तमान सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि किस एजेंसी से भर्ती कराई जाए.या फिर डिपार्टमेंट के जरिए ही भर्ती हो. साथ ही खाली पदों पर भर्ती करने के लिए सरकार के ऊपर करोड़ों का अतिरिक्त भार आएगा.कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल का कहना है कांग्रेस अपने वचन को निभा रही है.बीजेपी ने व्यापम में सिर्फ पैसा कमाने का काम किया है.हम ईमानदारी से नौकरी देंगे.कोई भी भ्रष्टाचार और गड़बड़ी भर्ती के दौरान नहीं होगी.

22 हज़ार से ज़्यादा पद खाली
पूरे पुलिस विभाग में इस वक्त अजीब स्थिति है. नयी भर्ती हो नहीं रही और प्रमोशन भी रुके हुए हैं. कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक का प्रमोशन रुका हुआ है. रिटायरमेंट की आयु दो साल बढ़ायी जा चुकी है. मार्च 2020 के बाद पुलिसकर्मियों के रिटायर होने का सिलसिला शुरू हो जाएगा तो खाली पदों की संख्या और ज़्यादा बढ़ जाएगी. वर्तमान में पुलिस के 22 हजार से ज्यादा पद खाली हैं.भर्ती प्रक्रिया में देरी होने से खाली पदों की संख्या बढ़ती जा रही है.

सरकार को PEB से परहेजसरकार में आते ही कांग्रेस ने सबसे पहले प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड, जिसका नाम पहले व्यापम था,उससे भर्ती परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया था.इस निर्णय के बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई.यह उपसमिति अभी तक भर्ती को लेकर किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंची है.यही वजह है कि 2018 के बाद 2019 में भी भर्ती नहीं हो सकी.पुलिस कांस्टेबल ओर सब इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा के लिए आखिरी बार विज्ञापन 2017 में जारी किया गया था, जिसका परिणाम एक साल बाद 2018 में आया था.

बीजेपी का आरोप
प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि पीईबी परीक्षा आयोजित कराता है, लेकिन कमलनाथ सरकार ने अघोषित प्रतिबंध लगा रखा है. प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है.सरकारी भर्तियां किसी भी माध्यम से कराना चाहिए.कांग्रेस सरकार ने पुलिस में 14 हजार पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया है.भर्ती प्रक्रिया के लिए उपसमिति भी गठित की गई.लेकिन पिछले एक साल में पुलिस भर्ती सिर्फ चर्चा में सिमट कर रह गई है. भर्ती के कारण करोड़ों का भार आने के डर से सरकार ने भर्ती प्रक्रिया रोक रखी है.

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First published: January 3, 2020, 7:57 PM IST
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