MP में तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मुहिम सुस्त

होशंगाबाद में दो जेनरेशन प्लांट लगना तय हुआ है. (सांकेतिक तस्वीर)

गुना जिले को भी एक ऑक्सीजन प्लांट मिला था. 20 अप्रैल से काफी तेज रफ्तार से इसका काम शुरू हुआ. 4 दिन में फाउंडेशन का काम (foundation work) निपट गया और 10 दिन में प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गया.

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 भोपाल. मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (corona virus) के तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी हुई है. लेकिन सवाल यह कि प्रदेश में तीसरी लहर (Third wave) से निपटने के लिए सरकारी इंतजाम कितने मुस्तैद हैं. यह सवाल इसलिए उठा है कि न्यूज18 की पड़ताल बताती है कि जिलों में सुपरफास्ट एक्सप्रेस की तरह ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मुहिम दूसरी लहर के धीमे होने के साथी सुस्त हो गई है. कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी हो रही है. लेकिन इन सबके बीच मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से पहले लग्नर वाले ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) को लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं. दूसरी लहर के दौरान ताबड़तोड़ तरीके से शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम अब सुस्ती का शिकार हो गए हैं. जिलों में मंजूर हुए ऑक्सीजन प्लांट अब स्ट्रक्चर बन मशीनों के इंतजार में खड़े दिखाई दे रहे हैं. सरकार ने 37 जिलों में ऑक्सीजन प्लांट मंजूर किए थे.

वहीं, गुना जिले को भी एक ऑक्सीजन प्लांट मिला था. 20 अप्रैल से काफी तेज रफ्तार से इसका काम शुरू हुआ. 4 दिन में फाउंडेशन का काम निपट गया और 10 दिन में प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गया. बिजली विभाग ने बिजली की व्यवस्था कर दी. लेकिन प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर क्या बीती तीसरी लहर की तैयारियां मद्धम हो गई. होशंगाबाद, गुना, भिंड समेत कई जिलों में अस्पतालों में स्ट्रक्चर तो खड़े कर दिए गए, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट का पता नहीं है. बात गुना की करें तो 2 महीने से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए यहां शेड लगाया गया. लेकिन ऑक्सीजन प्लांट नहीं लग पाया. कलेक्टर फ्रैंक नोबेल ने कहा है कि प्रशासन ने अपना काम पूरा कर दिया है लेकिन मशीनें नहीं मिल पाने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. जब मशीनें आ जाएंगी तो प्लांट में काम शुरू हो जाएगा. शासन से मशीनें कब तक मिलेगी इसकी फिलहाल जानकारी नहीं है.

वहां पर भी प्लांट लगाया जाएगा
होशंगाबाद में दो जेनरेशन प्लांट लगना तय हुआ है. 300 लीटर और 750 लीटर समेत इटारसी में 300 लीटर ऑक्सीजन प्लांट का स्ट्रक्चर बनकर तैयार है. लेकिन यहां पर भी मशीनों का इंतजार किया जा रहा है. होशंगाबाद के सीएमएचओ डॉ. दिनेश कौशल ने कहा है कि जिला अस्पताल को ऑक्सीजन प्लांट के तैयार होने पर ऑक्सीजन मिल पाएगी. लेकिन फिलहाल मशीनों का इंतजार किया जा रहा है. वहीं, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी का कहना है जिन जिलों में ऑक्सीजन प्लांट मंजूर हुए हैं वहां पर मशीनें लगाए जाने की तैयारी है. इसको लेकर संबंधित कंपनियों से चर्चा की जा रही है, जहां पर सीआरएफ फंड से प्लांट लगना था वहां पर भी प्लांट लगाया जाएगा.

लापरवाही तीसरी लहर पर भी भारी पड़ेगी
मतलब साफ है दूसरी लहर ने अप्रैल, मई और जून महीने में जो कहर बरपाया उससे सबक लेते हुए सरकार ने नए सिरे से तैयारियों को अंजाम देने की कोशिश जरूर शुरू की. लेकिन स्ट्रक्चर खड़े होने तक ही सीमित होकर रह गई है. अब सवाल यह है कि तीसरी लहर अक्टूबर में आने की चेतावनी दी जा रही है. ऐसे में क्या तीसरी लहर आने पर ही ऑक्सीजन प्लांट में मशीनें लगना शुरू हो पाएंगी या फिर यह लापरवाही तीसरी लहर पर भी भारी पड़ेगी.

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