भोपाल : Lockdown में यादगार बनी शादी, पड़ोसी के घर से विदा हुई दुल्हन
Bhopal News in Hindi

भोपाल : Lockdown में यादगार बनी शादी, पड़ोसी के घर से विदा हुई दुल्हन
अनिल एक प्रापर्टी डीलर के यहां गाड़ी चलाता है, जबकि नीलम की जिंदगी फुटपाथ पर भीख मांगकर चलती थी.

7 रिश्तेदारों की मौजूदगी में सात फेरे लेकर पड़ोसी के घर से दुल्हन की विदाई हुई, इस शादी में दुल्हन की तरफ से सिर्फ उसके पिता और भाई शामिल हो सके.

  • Share this:
भोपाल. शादी-विवाह (Wedding ceremony) की रौनक ही तब होती है जब परिवार के सारे नाते-रिश्तेदार एक साथ जुटें. लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic Coronavirus) के संक्रमण से बचाव की खातिर लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) ने इस जश्न के माहौल को फीका कर दिया है. कोरोना और लॉकडाउन की बंदिशों के कारण ज्यादातर परिवार शादी-विवाह जैसे आयोजनों को आगे के लिए टाल रहे हैं. लेकिन कई परिवार इसी विकट परिस्थिति में  शादी संपन्न भी करा रहे हैं. ताजा मामला भोपाल के करोंद इलाके से सामने आया है. जहां मात्र 7 रिश्तेदारों की मौजूदगी में दीपा और सौरभ ने शादी के सात फेरे लिए. खास बात ये रही की इस शादी में पड़ोसी शामिल तो नहीं हुए, लेकिन दुल्हन पड़ोसी के घर से ही विदा हुई.

पड़ोसी के घर से विदा हुई दुल्हन
इस शादी में दुल्हन की तरफ से सिर्फ पिता और भाई शामिल हुए. दूल्हे के पड़ोसी शादी में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनके घर से ही दुल्हन की विदाई हुई. फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ सारी रस्मे निभाई गईं. परिवार का कहना है कि लॉकडाउन के कारण पहले तो इस शादी को स्थगित करने को लेकर विचार किया जा रहा था, लेकिन अंत में वर-वधू पक्ष ने निर्धारित किया की सभी प्रावधानों का पालन करते हुए पूरी सतर्कता के साथ शादी सम्पन्न कराई जाएगी. तय प्लान के अनुसार दूल्हे के पड़ोसी के घर पर दीपा की शादी के लिए बिना बैंड-बाजे के ही बारात दरवाजे लगी, तो मांगलिक गीतों के साथ गिनी-चुनी महिलाओं ने बारातियों का स्वागत किया. शादी करवाने में पड़ोसियों ने पड़ोसी धर्म भी खूब निभाया. खुद तो शादी में शामिल नहीं हुए, लेकिन शादी करवाने के लिए अपना घर जरूर उपलब्ध करवाया. जहां विधि-विधान के साथ यह विवाह संपन्न हुआ.

दीपा और सौरभ ने शादी रचाई

7 रिश्तेदारों की मौजूदगी में लिए सात फेरे


वर सौरभ ने बताया कि शादी करने को लेकर पहले मन में कई तरह के अरमान थे कि काफी धूमधाम से शादी करेंगे. लेकिन लॉकडाउन की वजह से अरमानों पर पानी फिर गया. फिर भी उनकी ये शादी यादगार बन गई है. सिर्फ सात सदस्यों के साथ शादी के सात फेरे लेकर शादी की रस्में पूरी की गईं. सात रिश्तेदारों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति बारात में सहभागी नहीं बना. दूल्हे ने बताया की टेंट, शामियाना, बैंड बाजा, बारात में जाने के लिए वाहन सहित अन्य साधनों के लिए एडवांस के रूप में रुपए का भुगतान कर दिया गया था. इससे दोनों पक्ष को लाखों रुपए का नुकसान भी हुआ है. लेकिन इस बात की खुशी भी है कि लॉकडाउन में विवाह सम्पन्न हो गया और घर को बहू के रूप में बेटी भी मिल गई. बेटी को विदा करके पिता व भाई अपने घर को लौट गए.

ये भी पढ़ें- Lockdown: महानगरों से पलायन कर गांवों में पहुंचे लाखों प्रवासी मजदूरों को मनरेगा से आस
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज