आयकर छापा: 0001 नंबर है अश्विनी शर्मा की पहचान, घर में मिलीं लैंड रोवर, जैगुआर सहित 10 लग्जरी कार
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आयकर छापा: 0001 नंबर है अश्विनी शर्मा की पहचान, घर में मिलीं लैंड रोवर, जैगुआर सहित 10 लग्जरी कार
अश्विनी शर्मा

अश्विनी का एक NGO-आरोग्य जन कल्याण है. उसी के काम के सिलसिले में मंत्रालय वल्लभ भवन में आना-जाना रहता है. ये एनजीओ भी विवाद में रह चुका है.

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सीएम कमलनाथ (Kamalnath) के करीबियों पर रविवार को पड़े आयकर के ताबड़तोड़ छापों के बाद से मध्यप्रदेश में सियासी पारा आसमान पर है. छापा अभी जारी है. जिन करीबियों के घर छापा पड़ा, उनमें से एक अश्विनी शर्मा भी हैं, जिनका रसूख देखकर इनकम टैक्स की टीम भी हैरान रह गयी.

इनकम टैक्स के छापे के दौरान अफसरों को अश्विनी शर्मा के महंगे शौक के बारे में पता चला.अश्विनी की पहचान 0001 नंबर के तौर पर होती है. भोपाल में उनके प्लेटिनम प्लाजा स्थित घर पर जब छापा मारा गया तो एक ही जगह अश्विनी की 10 लग्जरी विलायती गाड़ियां रखी मिलीं. इनमें लैंड रोवर के साथ विंटेज, जैगुआर, मर्सिडीज वैन शामिल थीं. सभी गाड़ियों के नंबर 0001 हैं. अश्विनी इसके अलावा महंगे लाइसेंसी हथियार भी रखता है.

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अब आपको बता दें कि अश्विनी शर्मा हैं कौन? छापा पड़ते ही अश्विनी शर्मा ने IT के अफसरों के सामने खुद को बीजेपी का बताया. अश्विनी शर्मा ने कहा- 'मैं बीजेपी का आदमी हूं'. उसके बाद आईटी अफसरों ने उनकी परेड करवाई. प्लेटिनम प्लाजा में खड़ी इम्पोर्टेड गाड़ियों की पहचान करवायी. दिल्ली की आईटी अफसरों की परेड के दौरान कारोबारी अश्विनी शर्मा ने खुद को बीजेपी का बताया. उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैं बीजेपी के आदमी हूं. शर्मा ने पूर्व पुलिस अधिकारी और सीएम कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ को लेकर कहा कि वो उन्हें नहीं जानते हैं. उन्होंने इनकम टैक्स की रेड पड़ने से भी मना किया.
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दैनिक भास्कर के मुताबिक अश्विनी शर्मा सीएम कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी हैं. वो आर्म्स डीलर हैं और ब्यूरोक्रेट्स में खासा दखल है. ऐसा कहा जाता है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग में भी शर्मा का खासा दखल रहता है. वो 2005 से प्रदेश के ब्यूरोक्रेट्स के बीच सक्रिय हैं.

अश्विनी का एक NGO-आरोग्य जन कल्याण है. उसी के काम के सिलसिले में मंत्रालय वल्लभ भवन में आना-जाना रहता है. ये एनजीओ भी विवाद में रह चुका है. अश्विनी के दोस्तों में बड़े रसूख वाले अफसर, नेता, उद्योगपति शामिल हैं.

रविवार को अश्विनी के घर छापे के दौरान ही सीआरपीएफ औऱ पुलिस के बीच धक्का-मुक्की औऱ बहस हुई थी. बताया जा रहा है अश्विनी के भोपाल स्थित जिस प्लेटिनम प्लाजा वाले ठिकानों पर छापा पड़ा, वहां सीआरपीएफ ने सारे गेट बंद करवाकर वहां रहने वाले सोसायटी के बाकी लोगों के भी बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी थी. इसकी सूचना किसी ने टीटी नगर पुलिस को दे दी थी. पुलिस के वहां पहुंचते ही सीआरपीएफ ने पुलिस को भी अंदर नहीं जाने दिया. गेट पर ही दोनों तरफ के बड़े अफसरों के बीच तकरार हो गयी थी. सीआरपीएफ अफसरों ने लोकल पुलिस से कहा हमें आपकी मदद की ज़रूरत नहीं. पुलिस का कहना था कि हम लोकल लोगों की शिकायत पर यहां आए हैं.

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