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कौन थीं रानी कमलापति, जिनके नाम पर रखा गया देश के पहले वर्ल्ड क्लास स्टेशन हबीबगंज का नाम

कौन थीं रानी कमलापति, जिनके नाम पर रखा गया देश के पहले वर्ल्ड क्लास स्टेशन हबीबगंज का नाम

Habibganj Railway Station Renamed as Rani Kamlapati Station:  हबीबगंज रेलवे स्टेशन अब रानी कमलापति स्टेशन के नाम से जाना जाएगा.

Habibganj Railway Station Renamed as Rani Kamlapati Station: हबीबगंज रेलवे स्टेशन अब रानी कमलापति स्टेशन के नाम से जाना जाएगा.

Gond queen Rani Kamlapati news: भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम गोंड साम्राज्ञी रानी कमलापति के नाम पर हो गया है. इस नाम को बदलने के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को तर्क दिया था कि भोपाल क्षेत्र सोलवीं सदी में गोंड शासकों के अधीन था. उस वक्त रानी कमलापति की शादी गोंड राजा सूरत सिंह के बेटे निजाम शाह से हुई थी. उनके राज्य पर कई अतिक्रमणकारियों की नजर थी. लेकिन, जब भी किसी ने आक्रमण किया रानी कमलापति डटकर उसका सामना किया और दुश्मन को भगा दिया.

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भोपाल. भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम अब रानी कमलापति हो गया है. शिवराज सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. इस संबंध में राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था. राज्य सरकार ने अपने प्रस्ताव में तर्क दिया था कि सोलवीं सदी में भोपाल क्षेत्र गोंड शासकों के अधीन था. गोंड राजा सूरत सिंह के बेटे निजाम शाह से रानी कमलापति का विवाह हुआ था. रानी कमलापति ने अपने पूरे जीवनकाल में बहादुरी और वीरता के साथ आक्रमणकारियों का सामना किया था.

गौरतलब है कि मुगल साम्राज्य के पतन के बाद भोपाल से 50 किलोमीटर दूर बने गिन्नौरगढ़ की छोटी रियासत वजूद में आई. राजा निजाम शाह यहां के शासक थे. यहीं से रानी कमलापति की कहानी शुरू होती है. निजाम साहब गोंड राजा थे. कहा जाता है कि उनकी 7 पत्नियां थीं. इनमें से एक थी रानी कमलापति. वह राजा की सबसे प्रिय पत्नी थीं. रानी खूबसूरत होने के साथ-साथ बुद्धिमान भी थीं. आज का भोपाल उस समय का एक छोटा सा गांव हुआ करता था जिस पर निजाम शाह की हुकूमत थी.

मोहम्मद खान से मांगी मदद

बताया जाता है कि निजाम शाह को उनके ही भतीजे आलम शाह ने जहर देकर मरवा डाला था. खुद को बचाने के लिए रानी कमलापति अपने बेटे नवल शाह के साथ गिन्नौरगढ़ से भोपाल के रानी कमलापति महल में आ गई थीं. भोपाल आकर रानी ने राजा के मित्र मोहम्मद खान से मदद मांगी. बताया जाता है कि मोहम्मद खान ने 1 लाख रुपये में राजा के कातिल की हत्या करवा दी लेकिन वादे के मुताबिक रानी रुपये नहीं दे पाईं. बदले में उन्होंने अपनी रियासत का कुछ हिस्सा मोहम्मद खान को दे दिया.

बता दें, हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति करने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा- आदिवासी साम्राज्ञी रानी कमलापति के नाम पर हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नामकरण करने के लिए मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं. वे गोंड समुदाय का गौरव हैं. वे अंतिम हिंदू साम्राज्ञी थीं.

Tags: Bhopal news, Mp news

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