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कौन बनेगा मध्य प्रदेश का नया DGP : रेस में हैं तीन नाम, सबसे आगे सुधीर सक्सेना

MP Ki Khabar : वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह कौन लेगा ये तय नहीं है. अभी तक सरकार ने यूपीएससी को नामों का पैनल नहीं भेजा है.

MP Ki Khabar : वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. उनकी जगह कौन लेगा ये तय नहीं है. अभी तक सरकार ने यूपीएससी को नामों का पैनल नहीं भेजा है.

MP PHQ News. मौजूदा डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च में रिटायर हो रहे हैं. सीनियरिटी के हिसाब से सुधीर सक्सेना का DGP बनाना ...अधिक पढ़ें

भोपाल. मध्य प्रदेश को नया डीजीपी (DGP) जल्द मिलने वाला है. एस,पी,आर में से एक मध्य प्रदेश का नया डीजीपी होगा. एस मतलब सुधीर सक्सेना, पी मतलब पवन जैन, आर मतलब राजीव टंडन. अभी सरकार ने यूपीएससी को नामों का पैनल नहीं भेजा है. इस पर रिटायर्ड पुलिस अफसरों ने चिंता भी जाहिर की है.

मौजूदा डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च में रिटायर हो रहे हैं. सीनियरिटी के हिसाब से सुधीर सक्सेना का DGP बनाना तय माना जा रहा है. वहीं पवन जैन, राजीव टंडन भी डीजीपी की रेस में शामिल हैं. सुधीर सक्सेना ने सरकार को डीजीपी बनने के लिए अपनी सहमति दे दी है. वर्तमान में सक्सेना डेपुटेशन पर दिल्ली में हैं. राजीव टंडन भी प्रभारी डीजीपी बन सकते हैं. सरकार ने अभी तक UPSC को नाम का पैनल नहीं भेजा है.  इस पर रिटायर्ड DGP ने चिंता जाहिर की है.

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कौन हैं सुधीर सक्सेना…
मध्य प्रदेश के वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी 4 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. उनके बाद नया डीजीपी कौन होगा इस पर सस्पेंस बरकरार है. इसमें सुधीर कुमार सक्सेना का नाम पहले नंबर पर आता है. वो 1987 बैच के IPS अफसर हैं. वो 2016 से प्रतिनुक्ति पर हैं और फिलहाल सेक्रेटरी (सिक्यूरिटी) केबिनेट सेक्रेटेरिएट दिल्ली में पदस्थ हैं. सक्सेना ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 2012 से 2014 तक CM टू OSD रह चुके हैं. 2014 से 2016 तक इंटेलिजेंस चीफ रहे. उसके बाद 1992 से 2000 तक अलग-अलग जिले में एसपी रहे.
-सुधीर सक्सेना जबलपुर सीएसपी, एसडीओपी श्योपुर, एडिशनल एसपी सिटी जबलपुर, कमांडेंट छठवीं बटालियन एसएएफ,

-एसपी राजगढ़, छिंदवाड़ा, रतलाम, जबलपुर

-एसएसपी रेडियो भोपाल

-डीआईजी अजाक पुलिस मुख्यालय, डीआईजी सीआईडी पुलिस मुख्यालय, डीआईजी सीबीआई

-आईजी सेक्रेटरी मध्यप्रदेश भवन दिल्ली

-आईजी इंटेलिजेंस पुलिस मुख्यालय

-ओएसडी टू सीएम, एडीजी ओएसडी टू सीएम

-एडीजी एडमिन पुलिस मुख्यालय

-ज्वाइंट डायरेक्टर GOI MHA दिल्ली

-एडिशनल डीजी सीआईएसफ दिल्ली

-स्पेशल डीजी सीआईएसफ दिल्ली रहे.
ये है सर्विस का सफर….)

-1989 से 1990 तक सीएसपी जबलपुर

-1990 से 1991 तक एसडीओपी श्योपुर

-1991 से 1992 तक एडिशनल एसपी सिटी जबलपुर

-1992 से 1992 तक करीब 8 महीने कमांडेंट छठवीं बटालियन एसएएफ

-1992 से 1993 तक एसपी राजगढ़

-1993 से 1994 तक एसपी छिंदवाड़ा

-1994 से 1997 तक एसपी रतलाम

-1997 से 2000 तक एसपी जबलपुर

-2000 से 2001 तक एसएसपी रेडियो भोपाल

-2001 से 2002 तक डीआईजी अजाक पुलिस मुख्यालय

-2002 से 2002 तक करीब 2 महीने डीआईजी सीआईडी पुलिस मुख्यालय

-2002 से 2009 तक डीआईजी सीबीआई

-2009 से 2011 तक आईजी,सेक्रेटरी मध्यप्रदेश भवन दिल्ली

-2011 से 2012 तक आईजी इंटेलिजेंस पुलिस मुख्यालय

-2012 से 2014 तक ओएसडी टू सीएम, एडिशनल चार्ज एडीजी एडमिन पुलिस मुख्यालय

-2014 से 2016 तक एडीजी एडमिन पुलिस मुख्यालय

-2016 से 2018 तक ज्वाइंट डायरेक्टर GOI MHA दिल्ली

-2018 से 2020 तक एडिशनल डीजी सीआईएसफ दिल्ली

-2020 से 2021 तक स्पेशल डीजी सीआईएसफ दिल्ली

-वर्तमान में 2021 से सेक्रेटरी (सिक्यूरिटी) केबिनेट सेक्रेटेरिएट नई दिल्ली.

राज्य सरकार उनसे डीजीपी बनने के लिए सहमति ले चुकी है. इसलिए उनका नाम लगभग तय माना जा रहा है.

कौन हैं पवन जैन…?
पवन जैन 1987 बैच के सीनियर आईपीएस अफसर हैं. वो वर्तमान में डीजी होमगार्ड और सिविल डिफेंस के पद पर पदस्थ थे. इससे पहले स्पेशल डीजी पवन जैन संचालक खेल और युवा कल्याण के पद पर रहे.

-पवन जैन स्पेशल डीजी ट्रैनिंग, डीआईजी विशेष सशस्त्र बल एवं अपराध अनुसंधान विभाग, अतिरिक्त सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय, आयुक्त संस्कृति एवं राजभाषा एवं न्यासी, सचिव भारत भवन भोपाल में पदस्थ रहे हैं.

-प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन भोपाल, आईजी उज्जैन जोन उज्जैन, एडीजी योजना, एडीजी  लोकायुक्त के पद पर रहे.

-पवन जैन विदिशा, सरगुजा, खरगौन, मुरैना तथा सीहोर जिले में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं.

-2003 में पवन जैन को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और 2013 में विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है.

-भारतीय पुलिस सेवा 1987 बैच के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पवन कुमार जैन सिविल सेवा परीक्षा 1986 में भौतिक शास्त्र जैसे विशुद्ध विज्ञान विषय को हिन्दी माध्यम में लिखकर चयनित होने वाले भारतीय पुलिस सेवा के पहले अधिकारी हैं.

-राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित खिलाड़ी, खेल प्रेमी और साहित्यिक अभिरूचि रखने वाले पवन जैन अपनी मातृभूमि चंबल क्षेत्र में सेवा कार्यों से जुड़े हैं.

-पवन जैन ने अनेक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से देश के प्रख्यात चिकित्सकों के जरिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 50 हजार से अधिक जरूरतमंद लोगों के नेत्र एवं दंत तथा पोलियो ऑपरेशन कराकर लाभ पहुंचाया है.

-श्री जैन को समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए 1997 में टी.पी. झुनझुनवाला समाजसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

-अवार्ड सलेक्शन कमेटी संयोजक डॉ वीरेंद्र रावत (अधिवक्ता सुप्रीम) कोर्ट,  अंतर्राष्ट्रीय समाचार एवं विचार निगम के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार (मानद) डॉ डीपी शर्मा और अवार्ड सलेक्शन कमेटी के चेयरमैन जाकिर हुसैन ने लम्बे मंथन के बाद सैकड़ों नामांकनों में से पवन जैन के जन सेवा कार्यो के साथ – साथ  बाकी दूसरी उपलब्धियों को देखते हुए , सर्वसम्मति से अंतर्राष्ट्रीय समाचार एवं विचार निगम के INVC इंटरनेशनल अवार्ड के लिए चुना.

-2003 से 2004 तक OSD टू CM रहे
पवन जैन विदिशा, सरगुजा, खरगोन, मुरैना, सीहोर में एसपी रहे। आईजी उज्जैन भी रहे. वो एएसपी ग्वालियर, सीएसपी उज्जैन, एसडीओपी बरेली, एडिशनल एसपी भोपाल भी रह चुके हैं.

पवन जैन के सर्विस का सफर

-1988 से 1989 तक एएसपी ग्वालियर

-1989 से 1990 सीएसपी उज्जैन

-1990 से 1991तक एसडीओपी बरेली

-1991 से 1992 तक एडिशनल एसपी भोपाल

-1992 से 1993 तक कमांडेंट 11 वीं बटालियन SAF

-1993 से 1994 थ एसपी विदिशा

-1994 से 1995 तक कमांडेंट 14वीं SAF बटालियन

-1995 से 1996 तक एसपी सरगुजा

-1996 से 1996 तक करीब एक महीने एआईजी पुलिस मुख्यालय

-1997 से 1997 तक करीब 7 महीने कमांडेंट APTC IND

-1997 से 1998 तक एसपी खरगोन

-1998 से 1998 तक करीब 6 महीने एआईजी स्पेशल ब्रांच पुलिस मुख्यालय

-1998 से 1999 तक एसपी मुरैना

-1999 से 2001 तक एसपी सीहोर,

-2001 से 2002 तक डीआईजी SAF ग्वालियर

-2002 से 2003 तक डीआईजी सीआईडी ग्वालियर

-2003 से 2004 तक ओएसडी टू सीएम

-2004 से 2004 तक करीब एक महीने डीआईजी एडमिन पुलिस मुख्यालय

-2004 से 2006 तक डायरेक्टर संस्कृति भोपाल

-2006 से 2006 तक करीब 8 महीने आईजी अजाक पुलिस मुख्यालय

-2006 से 2008 तक आईजी एमडी पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन

-2008 से 2011 तक आईजी रेंज उज्जैन

-2011 से 2012 तक आईजी P&P पुलिस मुख्यालय

-2012 से 2019 तक एडीजी प्लानिंग

-2019 से 2020 तक डीजी लोकायुक्त

-2020 से 2020 तक करीब दो महीने स्पेशल डीजी ट्रेनिंग पुलिस मुख्यालय

-2020 से 2021 तक डायरेक्टर स्पोर्ट्स

– वर्तमान में 2021 से डीजी होमगार्ड

जानिए राजीव टंडन के बारे में
राजीव टंडन 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं.

-1994 से 2001 तक गुना, सतना, ग्वालियर जिले के एसपी रहे.

-2009 से 2013 तक प्रतिनियुक्ति पर रहे.

-2014 से 2016 तक ओएसडी टू सीएम रहे.

-2016 से 2019 तक इंटेलिजेंस के चीफ भी रहे.

– कई साल तक सीआईडी जैसी महत्वपूर्ण ब्रांच की जिम्मेदारी थी.

-वर्तमान में 2021 से डीजी लोकायुक्त हैं.

ये सर्विस का सफर…

-1989 से 1992 तक एडिशनल एसपी सतना.

-1992 से 1993 तक एडिशनल एसपी महू

-1993 से 1994 तक कमांडेंट 26 बटालियन एसएएफ

-1994 से 1996 तक एसपी गुना

-1996 से 1999 तक एसपी सतना

-1999 से 2000 तक कमांडेंट दूसरी बटालियन ग्वालियर

-2000 से 2001 तक एसपी ग्वालियर

-2002 से 2004 तक डीआईजी एफ/पी पुलिस मुख्यालय

-2004 से 2009 तक डीआईजी एनएसजी दिल्ली

-2009 से 2013 तक आईजी सीबीआई दिल्ली

-2013 से 2014 तक एडीजी सीआईडी पुलिस मुख्यालय एडिशनल चार्ज एडीजी साइबर क्राइम एडीजी टेक्निकल सर्विसेज

-2014 से 2016 तक एडीजी ओएसडी टू सीएम

-2015 से 2016 तक एडिशनल चार्ज एडीजी एससीआरबी

-2016 से 2019 तक एडीजी इंटेलीजेंस पुलिस मुख्यालय

-2019 से 2019 तक करीब एक महीने के एडीजी रेल

– 2019 से 2020 तक एडीजी सीआईडी PHQ

– 2020 से 2021 तक डीजी ईओडब्ल्यू

-वर्तमान में 2021 से डीजी लोकायुक्त

क्या परंपरा टूटेगी
परंपरा के मुताबिक जिसे डीजीपी बनाना होता है, उसे डीजीपी की सेवानिवृत्ति से कम से कम दस दिन पहले ओएसडी पुलिस मुख्यालय बना कर पदस्थ कर दिया जाता है. लेकिन  इस बात के भी संकेत मिल रहे हैं कि सरकार के करीबी राजीव टंडन को प्रभारी डीजीपी बनाकर उनको एक्सटेंशन दिया जा सकता है. इसके बाद  मध्य प्रदेश के नये डीजीपी की नियुक्ति होगी. वैसे वरिष्ठता क्रम में तीसरा नाम शैलेश सिंह का भी है. माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश के अगले डीजीपी सक्सेना हो सकते हैं. इस मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ही करना है.

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