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जानिए CM पद की रेस में उभरे मोदी कैबिनेट के कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बारे में
Bhopal News in Hindi

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: March 22, 2020, 2:07 PM IST
जानिए CM पद की रेस में उभरे मोदी कैबिनेट के कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बारे में
मध्य प्रदेश में बीजेपी की तरफ से मोदी सरकार के कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बीजेपी (BJP) की तरफ से सीएम पद के रेस में कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) और मोदी सरकार (Modi Government) के कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है.

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  • Last Updated: March 22, 2020, 2:07 PM IST
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नई दिल्ली. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार (kamalnath Government) गिरने के बाद राज्य की राजनीतिक घटनाक्रम में तेजी से बदलाव आ रहे हैं. बीजेपी की तरफ से सीएम पद के रेस में कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मोदी सरकार के कद्दावर मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर राज्य की वर्तमान परिस्थितियों में सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर उभरे हैं. यदि मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों और रिक्त हुई सीटों का हिसाब लगाएं तो तोमर दूसरे दावेदारों के मुकाबले कहीं आगे हैं.

तोमर रेस में क्यों सबसे आगे हैं?
कमलनाथ सरकार को हटाने के पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधारों में नरेंद्र सिंह तोमर भी थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में आए सभी 22 कांग्रेसी विधायकों ग्वालियर या उसके आस-पास के क्षेत्र से चुनकर आते हैं. 16 सीटें ग्वालियर-चंबल की हैं और इस क्षेत्र में सिंधिया का खासा प्रभाव है. उपचुनाव में सिंधिया के साथ ही यहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर फैक्टर भी काम करेंगे. लिहाजा सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर के साथ आने के बाद इन 22 विधायकों का दोबारा से जीतना आसान हो सकता है.

कमलनाथ सरकार को हटाने के पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधारों में नरेंद्र सिंह तोमर भी थे.
कमलनाथ सरकार को हटाने के पूरे घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधारों में नरेंद्र सिंह तोमर भी थे.




बीजेपी आलाकमान के करीबियों में से एक हैं
नरेंद्र सिंह तोमर हाल के दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में काफी तेजी से उभरा एक ऐसा नाम है, जिसकी महत्ता मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से लेकर दूसरे कार्यकाल तक बरकरार है. तोमर हाल के वर्षों में केंद्र की राजनीति में अपना कद काफी मजबूत किया है. इसलिए राज्य की राजनीति में पार्टी में उनके विरोधियों के लिए उन्हें नजरअंदाज कर पाना मुश्किल हो गया है.

तोमर मध्य प्रदेश के मुरैना लोकसभा सीट से इस बार जीत कर आए हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी तोमर ने कांग्रेस के रामनिवास रावत को 1 लाख से ज्यादा के अंतर से हराया. पिछली बार उन्होंने सिंधिया राजघराने के प्रभाव वाली सीट से जीत का परचम लहराया था और मोदी सरकार में मंत्री बने थे. पिछली बार तोमर मोदी सरकार में ग्रामीण विकास मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, खनन मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय का प्रभार मिला था. 2019 में एक बार फिर से उनको मोदी कैबिनेट में जगह ही नहीं मिली बल्कि कृषि मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है.

तोमर मध्य प्रदेश के मुरैना लोकसभा सीट से इस बार जीत कर आए हैं.
तोमर मध्य प्रदेश के मुरैना लोकसभा सीट से इस बार जीत कर आए हैं.


बीजेपी के महत्वपूर्ण रणनीतिकार
तोमर हाल के दिनों में बीजेपी के महत्वपूर्ण रणनीतिकार बन गए हैं. 12 जून 1957 को ग्वालियर के एक किसान परिवार में तोमर का जन्म हुआ था. तोमर स्नातक हैं.तोमर छात्रसंघ के भी अध्यक्ष रह चुके हैं. ग्वालियर नगर निगम के पार्षद भी रहे हैं. साल 1977 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बनाए गए थे. 1984 में युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बने तो 1991 में प्रदेश अध्यक्ष. पहली बार 1993 में ग्वालियर विधानसभा से लड़े, लेकिन हार गए. 1998 में पहली बार विधानसभा में पहुंचे. 2003 के विधानसभा चुनाव में तोमर ने ग्वालियर से भाग्य आजमाया. किस्मत का साथ मिला और कैबिनेट मंत्री भी बने. उमा भरती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कई अहम विभागों के मंत्री बने.

केंद्र की राजनीति में आने से पहले तोमर कई सालों तक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. अपने करियर के शुरुआती समय में वह साइकिल से भागदौड़ करके संगठन के लिए काम करते थे. तोमर बयानबाजी से कोसों दूर रहने के साथ काफी मिलनसार भी हैं. तोमर अपने काम को काफी तवज्जो देते हैं. अपनी इसी खूबी के चलते वह पीएम मोदी के काफी नजदीक आ गए हैं.

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First published: March 22, 2020, 1:16 PM IST
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