मध्य प्रदेश BJP में क्या चल रहा है? ख़ामोशी के बीच बड़े बदलाव की आहट

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 16, 2019, 3:14 PM IST
मध्य प्रदेश BJP में क्या चल रहा है? ख़ामोशी के बीच बड़े बदलाव की आहट
mp बीजेपी में बदलाव की तैयारी!

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार कमजोर है या नहीं बीजेपी के दो विधायकों के बागी होने के बाद से ये सवाल खामोश हैं. इस खामोशी के बीच ही बीजेपी में बड़े स्तर पर बदलाव की आहट सुनाई दे रही है

  • Share this:
मध्य प्रदेश बीजेपी (BJP)में क्या नए पावर सेंटर तैयार करने की कवायद तेज़ हो गई है ? ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि एक के बाद एक प्रदेश के बड़े नेताओं को दूसरे राज्यों की ज़िम्मेदारी देकर भेजा जा रहा है. पहले कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya), फिर शिवराज सिंह चौहान और अब नरेन्द्र सिंह तोमर.

तीन दिग्गज नेता हुए परदेसी
हाल ही में एमपी बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाकर भेज दिया गया है. कैलाश विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल के प्रभारी पहले से हैं. शिवराज सिंह चौहान को चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय सदस्यता अभियान का प्रभारी बना दिया गया है. अब वो मध्य प्रदेश से ज़्यादा पूरे देश में सक्रिय हैं. इन नेताओं की अलग अलग जिम्मेदारी और हालिया सियासी घटनाक्रम संकेत कर रहे हैं कि बीजेपी आलाकमान एमपी को लेकर कुछ अलग प्लान पर विचार कर रहा है.

हाशिए पर हैं कैलाश विजयवर्गीय

यूं तो एमपी बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहले से ही टीम मोदी के अहम किरदार हैं लेकिन हाल ही में उन्हें मिली हरियाणा की नई जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के नए सियासी संकेतों की ओर इशारा कर रही है. इशारा इस बात का कि क्या केंद्रीय आलाकमान मध्य प्रदेश में नया पावर सेंटर तैयार कर रहा है. ये सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि अब तक पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी संभाल रहे कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे के बैटकांड के बाद से पीएम मोदी की नाराज़गी झेल रहे हैं. चुनाव हार के बाद शिवराज सिंह सदस्यता का जिम्मा संभाल रहे हैं.

कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे के 'बल्ला कांड' के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी की नाराज़गी झेल रहे हैं. माना जा रहा है कि इस वजह से वो हाशिए पर चले गए हैं


पीएम मोदी के खास हैं नरेंद्र सिंह तोमर
Loading...

नरेंद्र सिंह तोमर हरियाणा से पहले उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत कुछ दूसरे राज्यों में भी चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वो टीम मोदी का अहम हिस्सा हैं.लेकिन मध्य प्रदेश में बीजेपी के बागी विधायकों और आकाश बैटकांड के चैप्टर के बाद कमजोर हुई कैलाश विजयवर्गीय और शिवराज सिंह की सियासी अहमियत के बीच उनकी ये जिम्मेदारी नए संकेत दे रही है. कांग्रेस की नज़र में भी ये बीजेपी की अंदरुनी खलबली का नतीजा है.

सियासी तूफान से पहले की खामोशी
मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार कमजोर है या नहीं बीजेपी के दो विधायकों के बागी होने के बाद से ये सवाल खामोश हैं. इस खामोशी के बीच ही बीजेपी में बड़े स्तर पर बदलाव की आहट सुनाई दे रही है. क्या ये मध्य प्रदेश में आने वाले सियासी तूफान से पहले की ख़ामोशी है.

ये भी पढ़ें- उमा ने कहा-ठीक बोल रहे हैं दिग्विजय-बापू के क़ातिल ज़िंदा है

नाले में बहीं स्कूल टीचर्स और ड्राइवर की लाश मिली

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 16, 2019, 2:38 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...