क्या सिंधिया एक बार फिर होंगे कमलनाथ-दिग्विजय के राजनीतिक शिकार?

नये पीसीसी चीफ के लिए मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया ने सोनिया गांधी को 6 नाम भेजे है जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, जीतू पटवारी, शोभा ओझा, बाला बच्चन, अजय सिंह और रामविलास रावत शामिल हैं.

Ranjeeta Jha | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 4:19 PM IST
क्या सिंधिया एक बार फिर होंगे कमलनाथ-दिग्विजय के राजनीतिक शिकार?
ज्योतिरादित्य सिंधिया का दावा मजबूत है, लेकिन...
Ranjeeta Jha
Ranjeeta Jha | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 2, 2019, 4:19 PM IST
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से लेकर अभी तक संगठन की कमान मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamal Nath) के हाथों में है. जल्द ही सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) मध्य प्रदेश का अध्यक्ष चुनने वाली है. नये पीसीसी चीफ के लिए मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव दीपक बाबरिया ने सोनिया गांधी को 6 नाम भेजे है जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) , जीतू पटवारी (Jitu Patwari) , शोभा ओझा, बाला बच्चन (Bala Bachchan), अजय सिंह और रामविलास रावत शामिल हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर कर दी है.

दरअसल, इससे पहले दो बार सिंधिया को कमलनाथ और दिग्विजय सिंह राजनीतिक पठखनी दे चुके हैं.  सच कहा जाए तो इस बार भी सिंधिया पर राजनीतिक शिकार होने का खतरा मंडरा रहा है.

इस वजह से सिंधिया नहीं बने मुख्‍यमंत्री
जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का फैसला हो रहा था तब भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने हाथ मिला लिया था और राहुल गांधी के नजदीकी होने के बावजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया. जबकि उनके नजदीकी लोग ये दावा करते हैं कि सिंधिया के चेहरे पर ही प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को वोट दिया था.

अध्‍यक्ष पद को लेकर सिंधिया पर भारी पड़े कमलनाथ-दिग्विजय
मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भी कमलनाथ और दिग्विजय ने सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनने दिया था.

दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मीटिंग बुलाई थी. जब दिग्विजय सिंह से उनकी राय पूछी तो उन्‍होंने कहा था, 'सिंधिया जी हमारे नेता हैं. इनके पास बहुत समय है. जबकि ये कमलनाथ की आखिरी पारी है तो मेरा मानना है कि कमलनाथ को कमान मिलनी चाहिए.'
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यकीनन दिग्विजय सिंह की वजह से सिंधिया राजनीतिक लड़ाई हार गए थे. अगर इस बार भी सोनिया गांधी ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं बना पायीं तो तीसरी बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की राजनीतिक जीत होगी.

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First published: September 2, 2019, 4:05 PM IST
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