सिटी बसों में घूम रही हैं चोरनी, नक़ाब पहनकर आती हैं जेब काट ले जाती हैं

भोपाल में सिटी बसों में महिला चोर गिरोह सक्रिय
भोपाल में सिटी बसों में महिला चोर गिरोह सक्रिय

पुलिस का कहना है उनकी तरफ से इन वारदातों को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है. संबंधित विभागों से लगातार चर्चा भी की जा रही हैं.

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भोपाल की सिटी बसों (City buses) में चोरनियां (thief) घूम रही हैं. वो ज़रा सा ध्यान हटते ही भीड़ का फायदा उठाकर मुसाफिरों की जेब काट रही हैं. ये नकाब पहनकर आती हैं और अपना काम कर जाती हैं. बसों में लगे सीसीटीवी (cctv) कैमरों में इनकी करतूत क़ैद हुई हैं और अब पुलिस (police) इन चोरनियों को तलाश रही है.

अगर आप राजधानी की भोपाल की बसों में सफर करते हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि इन बसों में महिला चोर और जेबकतरी गिरोह सक्रिय है. इनकी नज़र मुसाफिरों की जेब पर रहती है. महिला चोर महिला मुसाफिरों को ही ज़्यादा निशाना बना रही हैं.जब बस में भीड़ होती है उसका फायदा उठाकर ये नकाबपोश गिरोह बड़ी सफाई से जेब काट लेता है. ऐसी कई घटनाएं जब राजधानी की बसों में हुईं तो लोग और पुलिस सब सतर्क हो गए. बसों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो इनकी तस्वीरें निकलीं. लेकिन चोर नकाब पहने हुए हैं.

सिटी बसों में जेबकतरी
ये गिरोह हर रोज बसों में ये गिरोह चोरी की कई वारदातों को अंजाम दे रहा है. नकाबपोश चोर महिलाएं बड़ी चालाकी से बस में सफर कर रही दूसरी महिलाओं के कभी पर्स से सामान निकाल लेती हैं तो कभी उतरते वक्त मुसाफिर का ध्यान बंटने पर पर्स में से सामान झटक लेती हैं. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखायी दिया कि पर्स से पैसे चुराकर ये महिलाएं अपने कपड़ों में छुपा लेती हैं.
महिला आरक्षित सीटों पर नज़र


जेबकतरी की ये वारदातें खासकर महिला आरक्षित सीटों पर हो रही हैं.जब यहां भीड़ बढ़ जाती है तो इसका फायदा उठाकर ये गिरोह वारदातों को अंजाम देता है. ये गिरोह मुंह पर कपड़ा बांध कर बस में चढ़ता है और फिर मौका देख कर गिरोह की महिलाएं मुसाफिरों के पर्स पर हाथ साफ कर देती हैं.

रोज औसतन 15 से 20 वारदात
चोरनियों ने भोपाल के कुछ इलाकों को अपना ठिकाना बना रखा है. हबीबगंज नाका, भोपाल का पुराना इलाका और जहांगीराबाद जैसे क्षेत्र में ये घटना ज्यादा होती हैं.इस मामले में बीसीएलएल का कहना है कि इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस से भी शिकायत की गई है हर रोज 15 से 20 शिकायते इनके पास आ रही हैं. सभी घटनाएं सीसीटीवी में भी कैद हो रही हैं लेकिन मुंह पर कपड़ा बंधा होने की वजह से चोरनियों को पकड़ना मुश्किल हो रहा है. इसलिए अपील की जा रही है कि महिलाएं बसों में चेहरे से नकाब हटा कर चढ़ें

पुरुषों की भी जेब कटी
ऐसा नहीं है कि केवल महिलाओं के साथ ही ये वारदातें हो रही हैं. जेबकटी के शिकार तो पुरूष भी हो रहे हैं. बसों में होने वाली ये घटनाएं काफी मामूली लगती हैं. लेकिन जब पूरा आंकड़ा और इनका पेटर्न उठा कर देखें तो ये मामला काफी बड़ा नज़र आने लगता है. हर महीने 450 से 600 लोगों की जेब इस शहर में काटी जा रही है.ये गिरोह केवल बसों तक ही सीमित नहीं हैं.जानकारी के मुताबिक ये गिरोह रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भी सक्रिय है

पुलिस का कहना है उनकी तरफ से इन वारदातों को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है. संबंधित विभागों से लगातार चर्चा भी की जा रही हैं.

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