खेत में खून से सनी मिली आदिवासी किसान की लाश, पांच दिन से था लापता

मृतक पठानिया आदिवासी

मृतक पठानिया आदिवासी

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के मेनगांव थाने के मेहरजा गांव में खेत में आदिवासी किसान की लाश मिलने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि मृतक पांच दिन से लापता था.

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मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के मेनगांव थाने के मेहरजा गांव में खेत में आदिवासी किसान की लाश मिलने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि मृतक पांच दिन से लापता था. जहां लाश मिली है, वहीं नजदीक में ही किसान का खेत है, ​जिसका लगभग 15 वर्षों से न्यायालय में केस चल रहा है.



जानकारी के अनुसार मृतक की शिनाख्त 45 वर्षीय पठानिया आदिवासी के रूप में हुई है. पठानिया 5 दिनों से घर से लापता था. जहां लाश मिली है, उसके पास ही उसका खेत था. जिसको लेकर करीब 15 वर्षों से अधिक समय से न्यायालयों में केस चल रहा था. खंडवा रोड पर करोड़ों रुपए की जमीन के चलते आदिवासी किसान के कब्जे वाले खेत को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. आदिवासी किसान को न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद थी. परिजनों का आरोप है की न्यायालय मे हार जाने के डर से दंबग कृष्णा सेठ, नारायण सेठ, राजू सेठ, जगदीश सिर्वी और हीरा ने हत्या करवा दी. खेत की जमीन को लेकर वर्षों से केस चल रहा था. जिसका फैसला हमारे पक्ष में आने वाला था. जमीन मुख्य मार्ग पर है, जो आज करोड़ों की कीमत रखती है. हमारा परिवार 30 वर्षों से जमीन पर खेती कर रहा है. महाजन परिवार इसे हड़पना चाहता है. 15 वर्ष से कोर्ट में केस चल रहे हैं. केस हारने की स्तिथि में पठानिया को मरवा दिया.



वहीं आरोप से घिरे नारायण महाजन इस मामले के आरोप को झूठा बताते हुए पठानिया को वर्षों पूर्व खेत पर चौकीदारी के लिए रखने और फिर खेत पर कब्जा करने की बात कही. इधर अंधे कत्ल की जांच में जुटी पुलिस मामले की जांच और पीएम रिपोर्ट के बाद खुलासा करने की बात कर रही है. पुलिस ने मौका मुआयना कर लिया है. एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंच गई. लाश के पास कीटनाशक दवा की बोतल भी मिली है. पुलिस साक्ष्य जुटाने में लगी है.
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