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30 हजार रुपए में परिजनों ने भेड़ चराने भेजे बच्चे, मालिक से तंग आकर भागे

Sharik Akhtar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 27, 2016, 8:03 PM IST
30 हजार रुपए में परिजनों ने भेड़ चराने भेजे बच्चे, मालिक से तंग आकर भागे
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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की नेपानगर तहसील निवासी दो नाबालिग बच्चे महाराष्ट्र के अकोला रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत घूमते जीआरपी पुलिस को मिले हैं. दोनों नाबालिगों को जिला बाल कल्याण समिति को सौंपा दिया गया है.

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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की नेपानगर तहसील निवासी दो नाबालिग बच्चे महाराष्ट्र के अकोला रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत घूमते जीआरपी पुलिस को मिले हैं. दोनों नाबालिगों को जिला बाल कल्याण समिति को सौंपा दिया गया है.

जिले की बाकड़ी पंचायत के जामफाल्या गांव के दो नाबालिग धारसिंह और रामसिंह अपने अभिभावकों की सहमति से आंध्रप्रदेश के इसलापुर में भेड़ चराने के लिए गए थे. मवेशी मालिक ने नाबालिग बच्चों का सालाना मेहनताना 30 हजार रुपए तय किया था और बतौर पेशगी 10 हजार रुपए परिजनों को देकर बच्चों को लेकर चला गया.

तीन महीने काम करने के बाद दोनों नाबालिग भाग कर आकोला रेलवे स्टेशन पहुंच गए. जिला बाल कल्याण समिति ने बच्चों के परिजनों को बुलवाकर उनको समझाइश दी और बच्चों को शासकीय छात्रावास में पढ़ाई कराने के लिए प्रेरित किया.

नाबालिगों के मुताबिक, उनके गांव के और भी बच्चे आंध्रप्रदेश के गांव में भेड़ चराने का काम करते हैं. महिला सशक्तिकरण अधिकारी रतनसिंह की मानें तो इलाके से कितने बच्चे और गए हैं, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही उन्हें मुक्त कराया जाएगा.

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First published: August 27, 2016, 8:03 PM IST
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