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इस शहर में महापौर को उनकी घर में घेरने की कांग्रेसी रणनीति

इस शहर में महापौर को उनकी घर में घेरने की कांग्रेसी रणनीति

बुरहानपुर की राजनीति के मिजाज इन दिनों बदले हुए है। शहर को तीन महीने पहले नया महापौर मिला। नए महापौर की कार्यशैली से उनकी अपनी पार्टी बीजेपी में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे तो अब कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर को उनके ही घर में घेरने की नीति के उनके गृहवार्ड से चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की पार्षद को आगे किया गया। आरोप है कि महापौर अपने ही गृह क्षेत्र में ठीक तरीके से काम नहीं करा रहे है तो शहर की बदइंतजामी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

बुरहानपुर की राजनीति के मिजाज इन दिनों बदले हुए है। शहर को तीन महीने पहले नया महापौर मिला। नए महापौर की कार्यशैली से उनकी अपनी पार्टी बीजेपी में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे तो अब कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर को उनके ही घर में घेरने की नीति के उनके गृहवार्ड से चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की पार्षद को आगे किया गया। आरोप है कि महापौर अपने ही गृह क्षेत्र में ठीक तरीके से काम नहीं करा रहे है तो शहर की बदइंतजामी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

बुरहानपुर की राजनीति के मिजाज इन दिनों बदले हुए है। शहर को तीन महीने पहले नया महापौर मिला। नए महापौर की कार्यशैली से उनकी अपनी पार्टी बीजेपी में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे तो अब कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर को उनके ही घर में घेरने की नीति के उनके गृहवार्ड से चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की पार्षद को आगे किया गया। आरोप है कि महापौर अपने ही गृह क्षेत्र में ठीक तरीके से काम नहीं करा रहे है तो शहर की बदइंतजामी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

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बुरहानपुर की राजनीति के मिजाज इन दिनों बदले हुए है। शहर को तीन महीने पहले नया महापौर मिला। नए महापौर की कार्यशैली से उनकी अपनी पार्टी बीजेपी में विरोध के स्वर बुलंद हो रहे तो अब कांग्रेस ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महापौर को उनके ही घर में घेरने की नीति के उनके गृहवार्ड से चुनाव जीतने वाली कांग्रेस की पार्षद को आगे किया गया। आरोप है कि महापौर अपने ही गृह क्षेत्र में ठीक तरीके से काम नहीं करा रहे है तो शहर की बदइंतजामी का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

दरअसल, प्रदेश के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तरह हमेशा केसरिया दुपट्टा ओढकर दिखने वाले बुरहानपुर के महापौर अनिल भोंसले अब मंत्री विजयवर्गीय की कार्यशैली की तरह जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए है। उनकी यह सक्रियता उन्हीं की पार्टी के नेताओं को रास नहीं आ रही है, लेकिन यह नेता मजबूरन अपनी जुबान बंद करे हुए है। लिहाजा कांग्रेस ने महापौर पर हमला शुरू कर दिया है।

कांग्रेस ने इसकी शुरूआत महापौर के घर यानी उनके गृह वार्ड डाकवाडी से की है। गौरतलब है महापौर के गृह वार्ड डाकवाडी से कांग्रेस की महिला पार्षद गौरी दिनेश शर्मा निर्वाचित हुई है। गौरी दिनेश शर्मा पूर्व में निगम सभापति रह चुकी है। महापौर अनिल भोंसले की तीन महीने के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस पार्षद व पूर्व निगम सभापति गौरी शर्मा ने महापौर खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गौरी शर्मा ने महापौर अनिल भोंसले को कटघरे में खडा करते हुए आरोप लगाया जनता ने उन्हें विकास करने के विश्वास के साथ महापौर चुना लेकिन उन्होंने जनता के साथ विश्वघात किया। इन तीन महीनों में शहर में नए विकास कार्य तो दूर पूर्व में स्वीकृत विकास कार्यों के वर्क ऑॅर्डर ही जारी नहीं हुए हैं।

उन्होंने महापौर पर फिजुल खर्ची का भी खुला आरोप लगाया अब कांग्रेस महापौर को जल्द आयोजित होने वाले नगर निगम के साधारण सम्मेलन में और सडकों पर घेरने की रणनीति तैयार कर रही है।

महापौर की शपथ लेने के पहले दिन से जनता में जमीन स्तर पर सक्रिय महापौर अनिल भोंसले पर उन्हीं के वार्ड की कांग्रेसी महिला पार्षद द्वारा लगाए आरोपों के बाद महापौर तिलमिला गए है। मीडिया के सवाल करने पर महापौर ने पहले तो इसका जवाब देने से इंकार किया कांग्रेस पर गुस्से के लहजे में महापौर ने कहा उन्हें कांग्रेस के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं उन्हें शहर की जनता ने प्रमाण पत्र दिया है वे कांग्रेस के सारे आरोपों का जवाब सदन में देंगे।

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