लाइव टीवी

पिता की सड़क हादसे में कमर टूटी, गरीबी के चलते अब बेटी की पढ़ाई छूटी
Burhanpur News in Hindi


Updated: August 27, 2015, 4:45 PM IST
पिता की सड़क हादसे में कमर टूटी, गरीबी के चलते अब बेटी की पढ़ाई छूटी
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एक मजदूर दो साल पहले भीषण सड़क हादसे में स्थाई रूप से विकलांग हो गया. अब विकलांग मजदूर की दस वर्षीय बेटी अपने पिता को पांच किलोमीटर दूर व्हील चेयर पर उपचार के लिए ले जाती है.

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एक मजदूर दो साल पहले भीषण सड़क हादसे में स्थाई रूप से विकलांग हो गया. अब विकलांग मजदूर की दस वर्षीय बेटी अपने पिता को पांच किलोमीटर दूर व्हील चेयर पर उपचार के लिए ले जाती है.

  • Last Updated: August 27, 2015, 4:45 PM IST
  • Share this:
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में एक मजदूर दो साल पहले भीषण सड़क हादसे में स्थाई रूप से विकलांग हो गया. अब विकलांग मजदूर की दस वर्षीय बेटी अपने पिता को पांच किलोमीटर दूर व्हील चेयर पर उपचार के लिए ले जाती है.

दरसअल, पिता की देखरेख करने और परिवार की आर्थिक तंगी के चलते बेटी को पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पडा.

यह कहानी है बुरहानपुर जिला से सटे गांव बोरगांव के गोपाल के परिवार की. यहां रहने वाले मजदूर परिवार पर आफत का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा, जब घर के मुखिया गोपाल सावले की दो साल पहले सड़क हादसे में कमर टूट गई.



लाखों रुपए इलाज में खर्च करने के बावजूद परिवार का मुखिया स्थाई रूप से विकलांग हो गया और परिवार कर्जदार होकर आर्थिक तंगी का शिकार हो गया.



इसलिए छोड़ी बेटियों ने पढ़ाई

परिवार पर अकारण आए संकट का सामना सभी सदस्य एक जुट होकर कर रहे हैं. मजदूर गोपाल की पत्नी ने परिवार के लालन-पालन के लिए गांव में सब्जी बेचना शुरू कर दिया. इस काम में उनकी छोटी बेटी शिवानी ने हाथ बंटाना शुरू किया.

पीड़ित मजदूर का एक बेटा व दो बेटियां हैं. छोटी बेटी शिवानी सप्ताह में एक या दो बार अपने पिता को पांच किलोमीटर दूर व्हील चीयर के जरिए निजी डॉक्टर के यहां इलाज के लिए ले जाती है. वहीं, शिवानी को परिवार की आमदनी में हाथ बंटाने व पिता की देखरेख करने के लिए बीच में ही पढ़ाई छोडनी पडी.

पीड़ित मजदूर गोपाल की देखरेख के लिए परिवार के एक सदस्य को पूरा समय देने की आवश्यकता हुई. इस कारण शिवानी का स्कूल छूट गया. शिवानी के मन में नहीं पढ पाने का मलाल है, लेकिन चेहरे पर पिता की सेवा का सुकून भी है.

पीडित मजदूर की पत्नी ने बताया उनका परिवार गंभीर समस्या से जुझ रहा है. ऐसे में उन्हें कोई सरकारी मदद नहीं मिल जाए, तो उन्हें संकट की घड़ी में मदद अपनी गृहस्थी को मदद मिल सकती है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बुरहानपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 27, 2015, 2:10 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading