लाइव टीवी

MP: शिव'राज' की यही बेबसी, किसान, कर्ज और खुदकुशी
Burhanpur News in Hindi

News18
Updated: November 8, 2015, 1:13 PM IST
MP: शिव'राज' की यही बेबसी, किसान, कर्ज और खुदकुशी
निमाड़ अंचल के खंडवा में किसानों का जिंदगी से हारने का सिलसिला जारी है. जिले में 36 घंटे में तीन किसानों ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की. निमाड अंचल में अब तक छह किसान खुदकुशी कर चुके है.

निमाड़ अंचल के खंडवा में किसानों का जिंदगी से हारने का सिलसिला जारी है. जिले में 36 घंटे में तीन किसानों ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की. निमाड अंचल में अब तक छह किसान खुदकुशी कर चुके है.

  • News18
  • Last Updated: November 8, 2015, 1:13 PM IST
  • Share this:
निमाड़ अंचल के खंडवा में किसानों का जिंदगी से हारने का सिलसिला जारी है. जिले में 36 घंटे में तीन किसानों ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की. निमाड अंचल में अब तक छह किसान खुदकुशी कर चुके है.

पहला मामला जिले के ग्राम केनूद का है. जहां रहने वाले 35 वर्षीय किसान तुकाराम को कीटनाशक पीने के बाद गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया.

तुकाराम की दो एकड़ में लगाई सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. तुकाराम पर पहले से ही एक लाख रुपए का कर्ज था. फसल खराब होने की वजह से उस पर दोहरा दबाव था. इसी वजह से उसने जान देने की कोशिश की.

दूसरा मामला जिले के टाकलीकला के अधेड़ किसान सरकिया से जुड़ा हुआ है. सकरिया ने शनिवार शाम को कीटनाकश पी लिया.



तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी हालत खतरें से बाहर बताई जा रही है. सोयाबीन की फसल बर्बाद होने की वजह से सकरिया काफी परेशान था और उस पर करीब ढाई लाख रुपए का कर्ज भी हैं.

इससे पूर्व शुक्रवार को सिरवेल के किसान गोकुल ने भी कीटनाशक पीया था. वो भी कर्ज में डूबा हुआ हैं.

निमाड अंचल में अब तक छह किसान खुदकुशी कर चुके है. खंडवा में चार और खरगोन में दो किसानों ने फसल बर्बादी की वजह से अपनी जान दे दी.

मध्यप्रदेश में इस साल फसल बर्बाद होने की वजह से 35 से ज्यादा किसान अपनी जान दे चुके हैं. एमपी सरकार ने केंद्र सरकार से 2,400 करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज मांगा हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बुरहानपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 8, 2015, 1:13 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर