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तबादला रोकने के लिए लगाया मेडिकल सर्टिफिकेट, अब सरकार करेगी परमानेंट छुट्टी
Burhanpur News in Hindi


Updated: September 2, 2015, 6:12 PM IST
तबादला रोकने के लिए लगाया मेडिकल सर्टिफिकेट, अब सरकार करेगी परमानेंट छुट्टी
मध्यप्रदेश सरकार ने काम करने में अक्षम प्रोफेसरों को सेवामुक्त करने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि 20 साल की सेवा या 50 साल की उम्र को आधार बनाकर ऐसे प्रोफेसरों की छुट्टी कर दी जाए जो खराब सेहत के कारण काम करने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे है. इस फैसले के मूल में तबादला रद्द कराने के लिए लगाए गए मेडीकल सर्टिफिकेट हैं.

मध्यप्रदेश सरकार ने काम करने में अक्षम प्रोफेसरों को सेवामुक्त करने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि 20 साल की सेवा या 50 साल की उम्र को आधार बनाकर ऐसे प्रोफेसरों की छुट्टी कर दी जाए जो खराब सेहत के कारण काम करने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे है. इस फैसले के मूल में तबादला रद्द कराने के लिए लगाए गए मेडीकल सर्टिफिकेट हैं.

  • Last Updated: September 2, 2015, 6:12 PM IST
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मध्यप्रदेश सरकार ने काम करने में अक्षम प्रोफेसरों को सेवामुक्त करने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि 20 साल की सेवा या 50 साल की उम्र को आधार बनाकर ऐसे प्रोफेसरों की छुट्टी कर दी जाए जो खराब सेहत के कारण काम करने में खुद को सक्षम नहीं पा रहे है. इस फैसले के मूल में तबादला रद्द कराने के लिए लगाए गए मेडीकल सर्टिफिकेट हैं.

दरअसल, अभी हाल ही में करीब एक हजार प्रोफेसरों के तबादले हुए थे इनमें से 25 फीसदी प्रोफेसरों को नई जगह जाना मंजूर नहीं है. उन्होने इसके लिए खराब सेहत को कारण बताया है उच्च शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति का गठन का फैसला लिया है. यह समिति उन प्रोफेसरों के केस देखेगी जो खुद को काम करने में असहज पा रहे हैं इनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसरों की छुट्टी की जाएगी.

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे प्रकरणों की जांच के लिए एक समिति गठित की गयी है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान समिति की बैठक तुरंत करवाने के निर्देश दिये.



गुप्ता ने विषयवार पदों का युक्तिकरण करने के निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापक से प्राध्यापक और प्राध्यापक से प्राचार्य के पद पर पदोन्नति शीघ्र की जाए. क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक सितम्बर माह में कॉलेजों का निरीक्षण करें.



उच्च शिक्षा मंत्री ने तकनीकी विभाग की समीक्षा के दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज झाबुआ और शहडोल के लिए प्रभारी प्राचार्य नियुक्त करने के निर्देश दिए. उन्होंने पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए हो रही व्याख्याता की भर्ती के संबंध में भी जानकारी ली.

बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री के.के. सिंह, आयुक्त श्री उमाकांत उमराव, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा श्री डी.डी. अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

 
First published: September 2, 2015, 11:18 AM IST
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