लाइव टीवी

यहां किशोर कुमार का अनोखा दीवाना, सालों से कर रहा पूजा
Burhanpur News in Hindi

News18
Updated: August 1, 2015, 11:26 AM IST
यहां किशोर कुमार का अनोखा दीवाना, सालों से कर रहा पूजा
किसी की दीवानगी में कोई व्यक्ति कितनी हद तक जा सकता है, इसका उदाहरण देखने को मिलता है मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में. यहां प्रख्यात गायक किशोर कुमार का एक ऐसा दीवाना है जो अपनी सुबह की शुरूआत रोज़ाना किेशोर दा की तस्वीर को अगरबत्ती लगाकर और उनके गीत गुनगुनाकर करता है.

किसी की दीवानगी में कोई व्यक्ति कितनी हद तक जा सकता है, इसका उदाहरण देखने को मिलता है मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में. यहां प्रख्यात गायक किशोर कुमार का एक ऐसा दीवाना है जो अपनी सुबह की शुरूआत रोज़ाना किेशोर दा की तस्वीर को अगरबत्ती लगाकर और उनके गीत गुनगुनाकर करता है.

  • News18
  • Last Updated: August 1, 2015, 11:26 AM IST
  • Share this:
किसी की दीवानगी में कोई व्यक्ति कितनी हद तक जा सकता है, इसका उदाहरण देखने को मिलता है मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में. यहां प्रख्यात गायक किशोर कुमार का एक ऐसा दीवाना है जो अपनी सुबह की शुरूआत रोज़ाना किेशोर दा की तस्वीर को अगरबत्ती लगाकर और उनके गीत गुनगुनाकर करता है.

यह कहानी कपड़े का व्यवसाय करने वाले संजय पंचोलिया की है. संजय ने अपने घर में भगवान की तस्वीरों के साथ किशोर दा की तस्वीर लगाकर रखी है और सालों से उनकी पूजा करते आ रहे हैं. यही नहीं, साल के 365 दिन संजय अपनी दुकान में रात के वक्त 9 से 11.30 बजे तक लोगों को किशोर दा की याद में गीत गाने का मंच मुहैया कराते हैं. इसके लिए उन्होंने बाकायदा क़रीब सवा लाख रुपए का म्यूजिक सिस्टम खरीद रखा है.

3 हज़ार गीतों को कलेक्शन
संजय ने बताया कि वे बचपन से ही किशोर दा के दीवाने हैं. उनके पास क़रीब 3 हज़ार ऑरजिनल गीतों का भी कलेक्शन है. उनके पास जिन गीतों को कलेक्शन है उसमें सिर्फ म्यूजिक रहता है, न कि गायक की आवाज़. इसे कराओके सिस्टम कहते हैं. प्रतिदिन रात में 9 से 11 बजे के बीच संगीत को प्ले कर दिया जाता है और संजय सहित कई लोग गीत गाते हैं.  किशोर दा संगीत साधाना केंद्र पर शहर के कई जन-प्रतिनिधि और अफसर भी गीत गुनगुनाते हैं.



समाधि पर लेकर जाते हैं दूध-जलेबी


संजय पंचोलिया प्रतिवर्ष किशोर दा की समाधि पर सुबह छह बजे ही दूध-जलेबी लेकर पहुंच जाते हैं. विदित हो कि किशोर कुमार का जन्म खंडवा में हुआ था. जिन्हें किशोर दा भी कहा जाता है. हालांकि, किशोर दा का कर्मक्षेत्र मुंबई रहा था. बताया जाता है कि किशोर दा को खंडवा में लाला जी की दूध-जलेबी बहुत पसंद थीं. किशोर दा बचपन से ही खंडवा के आमजन के प्रति बहुत प्रेम रखते थे. उनका अंतिम संस्कार भी खंडवा में ही हुआ था.

अब शहर में 8 सिस्टम और लगे

संजय की दीवानगी और समर्पण को देखकर खंडवा में अब आठ सिस्टम और लग चुके हैं. जहां किशोर दा के अलावा दूसरे कलाकारों के गाने भी गुनगुनाए जाते हैं. यहां लाखों रुपए सिस्टम में डीडी-3, स्पीकर, कम्प्यूटर, कार्डलेस माईक, ईकोलाईज़र और ट्रैक एम्पलीफायर शामिल हैं. शहर भर में किशोर दा के प्रति फैलती दीवानगी देखकर खंडवा में रोज़ाना उनके जन्मदिन जैसा माहौल रहता है.

उनके परिजन खफा
बताया जाता है कि किशोर कुमार के गुज़रने के बाद उनकी अभिनेत्री पत्नी लीना चंदावरकर, बेटे सुमित कुमार और अमित कुमार खंडवा से खफा रहते हैं . उनक खफा रहने का कारण बताया जाता है कि खंडवा में किशोर दा के पुश्तैनी मकान पर कब्जा पसरा हुआ है. परिजन सरकार से कई बार उनके घर को म्यूजियम में तब्दील करने की बात भी कर चुके हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बुरहानपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 1, 2015, 11:10 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading