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किशोर को सिंगर नहीं, एक्टर बनाना चाहते थे अशोक कुमार
Burhanpur News in Hindi

News18
Updated: August 3, 2015, 3:01 PM IST
किशोर को सिंगर नहीं, एक्टर बनाना चाहते थे अशोक कुमार
अपनी गायकी से हमेशा के लिए अमर हो जाने वाले किशोर कुमार के बड़े भाई और अपने समय के फेमस एक्टर अशोक कुमार नहीं चाहते थे कि किशोर सिंगर बनें. सिंगर की जगह वो अपने गुड लुकिंग छोट भाई को अपनी तरह एक्टर ही बनाना चाहते थे.

अपनी गायकी से हमेशा के लिए अमर हो जाने वाले किशोर कुमार के बड़े भाई और अपने समय के फेमस एक्टर अशोक कुमार नहीं चाहते थे कि किशोर सिंगर बनें. सिंगर की जगह वो अपने गुड लुकिंग छोट भाई को अपनी तरह एक्टर ही बनाना चाहते थे.

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अपनी गायकी से हमेशा के लिए अमर हो जाने वाले किशोर कुमार के बड़े भाई और अपने समय के फेमस एक्टर अशोक कुमार नहीं चाहते थे कि किशोर सिंगर बनें. सिंगर की जगह वो अपने गुड लुकिंग छोट भाई को अपनी तरह एक्टर ही बनाना चाहते थे.

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में जन्में आभास कुमार उर्फ किशोर कुमार बचपन से ही अपने बड़े भाईयों अशोक कुमार और अनूप कुमार से काफी प्रभावित थे. इन्हीं को देखते देखते किशोर कुमार ने फिल्म इंडस्ट्री में जाने का मन बना लिया.

किशोर कुमार ने अपने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरूआत बॉम्बे टॉकीज़ में बतौर कोरस सिंगर के रूप में की थी. उन्हें यह मौका अपने बड़े भाई अशोक कुमार के कारण मिला पर अशोक तो अपने छोटे भाई को अपनी ही तरह एक्टर बनाना चाहते थे.



मौका मिलते ही अशोक ने अपनी फिल्म शिकारी में किशोर को भी एक गेस्ट रोल दिलवा दिया, ताकि किशोर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी पारी की शुरूआत कर सकें. लेकिन किशोर अपने फिल्मी करियर को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं थे. फिर भी अपने बड़े भाई के कहने पर किशोर भी मुंबई ही शिफ्ट हो गए.



इसके बाद 1951 में एक बार फिर अशोक कुमार के कहने पर किशोर को फिल्म में एक्टिंग का ऑफर दिया गया. इस बार यह रोल लीड एक्टर का था. यह फिल्म थी आंदोलन, जिससे किशोर ने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करी. इसके बाद भी किशोर को अशोक के कहने पर कई फिल्में मिली लेकिन किशोर का मन तो सिंगिंग में ही रमा हुआ था.

सिंगिंग का पहला मौका

किशोर कुमार को बतौर सिंगर पहला बड़ा मौका मिला 1954 की फिल्म नौकरी में. इस फिल्म में किशोर बतौर एक्टर भी काम कर रहे थे. फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर सलील चौधरी पहले किशोर को गायकी में लाने के पक्ष में नहीं थे क्योंकि किशोर ने सिंगिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी. लेकिन जब उन्होंने इस आवाज के जादूगर को गाते हुए सुना तो उन्होंने झट से उन्हें फिल्म में वो गाना गाने के लिए दे दिया जिसे उस समय के फेमस सिंगर हेमंत कुमार गाने वाले थे. बस इसके बाद से ही किशोर को गायकी के कई ऑफर्स आने लगे.

एस.डी.बरमन ने पहचाना किशोर का टैलेंट



किशोर कुमार को बतौर सिंगर पहचान दिलवाने में सबसे बड़ा योगदान म्यूज़िक डायरेक्टर एस.डी.बरमन का माना जाता है. एस.डी.बरमन ही वो शख्स थे जिन्होंने सिंगिंग के लिए जूझते किशोर के टैलेंट को पहचाना था और उन्हें अपनी खुद की स्टाइल बनाने के लिए कहा था. जिसके बाद ही किशोर ने अपनी खुद की सिंगिंग स्टाइल बनाकर लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली.

एक्टिंग ने डाला मुश्किल में
किशोर कुमार सिंगिंग के साथ साथ कई फिल्मों में भी काम करते थे. लेकिन एक्टिंग से कुछ खास लगाव न होने के कारण वो शूट पर लेट पहुंचने या शूट को बीच में ही छोड़ कर चले जाने के लिए बदनाम हो गए थे. जिसके बाद उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप होने लगीं और टेक्स न भरने की वजह से वो इंकम टेक्स डिपार्टमेंट के चंगुल में भी फंस गए थे.

सिंगिंग ने बचाया करियर
लगातार फ्लॉप होती फिल्में और करियर के बाद उनके लिए तारणहार बनकर आए आर.डी. बरमन जिन्होंने अपनी फिल्म पड़ोसन में किशोर को ना सिर्फ एक्टिंग बल्कि गाने का भी मौका दिया. यह फिल्म बॉक्सऑफिस हिट साबित हुई. जिसके बाद किशोर का करियर एक बार फिर ऊंचाई पर पहुंचने लगा.

एक्टिंग से लगाव न रखने पर भी किशोर कुमार ने अपने फिल्मी करियर में करीब 92 फिल्मों में एक्टिंग की. इनमें से ज्यादातर फिल्में जिनसे किशोर को बतौर एक्टर पहचान मिली उनमें किशोर ने कॉमिक रोल निभाया था. जिसके कारण लोगों में भी उनकी पहचान एक मस्तमौला इंसान के रूप में बन गई. लेकिन फिर भी उनके पहले प्यार यानी गायकी ने उन्हें जो पहचान दिलवाई, उस पहचान से आज भी लोगों के दिलों में किशोर कुमार ज़िंदा हैं.

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First published: August 3, 2015, 2:41 PM IST
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