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श्रम कानून संशोधन में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे
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News18
Updated: September 6, 2015, 7:39 PM IST
श्रम कानून संशोधन में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे
श्रम कानून में संशोधन करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य बन गया है. एमपी वो पहला राज्य है जिसने कानून में संशोधन के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा है.

श्रम कानून में संशोधन करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य बन गया है. एमपी वो पहला राज्य है जिसने कानून में संशोधन के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा है.

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श्रम कानून में संशोधन करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य बन गया है. एमपी वो पहला राज्य है जिसने कानून में संशोधन के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजा है.

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ईज ऑफ डूइंग में 15 केन्द्रीय श्रम कानून प्रक्रिया को सरल करने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय के जरिए राष्ट्रपति की सहमति के  लिए प्रस्ताव भेजा है. राज्य शासन ने 15 केन्द्रीय श्रम कानून के प्रावधान में जरूरी बदलाव करते हुए उन्हें उदार एवं सरल बनाने के लिए मध्यप्रदेश श्रम कानून (संशोधन) प्रावधान विधेयक-2015 को विधानसभा में पारित कर केन्द्र को भेजा है.

राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के बाद इसे राज्य में अधिनियम के रूप में लागू किया जा सकेगा. श्रम कानूनों में बदलाव और उन्हें सरल बनाने में प्रदेश देश में सबसे आगे है. इससे पहले पिछले साल वालिंटियरी कम्प्लायंस स्कीम के माध्यम से 13 केन्द्रीय श्रम कानून की प्रक्रियाओं को प्रशासकीय आदेश के जरिए राज्य में पहले ही सरल किया जा चुका है.



सरकार का मानना है कि राज्य में संशोधित श्रम कानून अधिनयम को लागू करने से नियोजक और श्रमिक दोनों लाभांवित होंगे. जिससे जहां एक तरफ अधिकारियों पर मामलों श्रमिकों के मामले निपटाने में अनावश्यक दबाव से राहत मिलेगी.



वहीं श्रमिकों का भी जहां न्यूनतम वेतन तय कर उन्हें शोषण से बचाया जाएगा वहीं कंपनी में होने वाली कटनी-छंटनी की स्थिति में उन्हें अचानक बेरोजगार होने के डर से भी मुक्ति मिलेगी.
First published: September 6, 2015, 7:39 PM IST
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