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मिसाल : घर में गरीब बच्‍चों को निशुल्‍क पढ़ा रहीं 82 साल की ये रि‍टायर्ड शिक्षि‍का

Sharik Akhtar | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 12, 2019, 1:51 PM IST

सुशीला बाई जब सरकारी सेवा में थी तब उन्होंने गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को महसूस किया और रिटायर होने के बाद अपने घर में ऐसे बच्चों को शिक्षा देने का प्रण लिया और यह प्रण 82 साल की उम्र में भी जारी है.

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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की नगर पंचायत शाहपुर में रिटायर महिला शिक्षिका 82 साल की उम्र में भी समाज में शिक्षा की अलख जगा रही है. रिटायर होने के बाद भी बुजुर्ग शिक्षिका सुशीला बाई बावस्कर अपने घर में गरीब बच्चों को पढ़ा रही है. आलम यह है कि अब इस शिक्षिका का घर ही स्कूल में तब्दील हो गया है.

गरीब बच्चों के जीवन में शिक्षा का प्रकाश फैला रही एक 82 वर्षीय ऐसी टीचर है जो उम्र के अंतिम पड़ाव में होने बावजूद हार मानने को तैयार नहीं है. सुशीला बाई जब सरकारी सेवा में थी तब उन्होंने गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को महसूस किया और रिटायर होने के बाद अपने घर में ऐसे बच्चों को शिक्षा देने का प्रण लिया और यह प्रण 82 साल की उम्र में भी जारी है. सुशीला बाई ने अपने घर में ऐसा माहौल तैयार किया है कि गरीब बच्चों को पढ़ने या पढ़ाई करने में आने वाली दिक्कतों को आसानी से हल किया जा सके. बच्चे जब उनके घर पहुंचते हैं तो मैम की क्लास शुरू हो जाती है.

बुजुर्ग सुशीला बाई बावस्कर की क्लास में आने वाले छात्रों का आज के कोचिंग कल्चर से पढ़न में ज्यादा मजा आता है और उन्हें बेहतर शिक्षा भी हासिल होती है. सुशीला बाई के इस नेक कदम पर उनके परिजन काफी गर्व महसूस करते हैं. परिजनों का कहना है कि सुशीला बाई के इस कदम से उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों और लोगों का ख्याल रखने की शिक्षा मिलती है और वे हमेशा इससे प्रेरित होते रहेंगे.

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First published: January 12, 2019, 1:51 PM IST
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