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प्रदेश में सफाई और पेयजल व्यवस्था को सुधारने कर्ज लेगी शिवराज सरकार

News18
Updated: January 11, 2016, 11:24 PM IST
प्रदेश में सफाई और पेयजल व्यवस्था को सुधारने कर्ज लेगी शिवराज सरकार
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  • Last Updated: January 11, 2016, 11:24 PM IST
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मध्यप्रदेश सरकार नगरीय क्षेत्रों में सफाई और पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए विश्व बैंक से लोन लेगी. शिवराज कैबिनेट ने 5500 करोड़ के कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के शहरों में सफाई और पेयजल के लिए सरकर अब कर्ज लेकर व्यवस्थाएं सुधारेगी.  शिवराज कैबिनेट में इसके लिए विश्व बैंक से लोन लेने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई. कैबिनेट में प्रोजेक्ट उदय के दूसरे चरण के लिए 5500 करोड़ रुपए के कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए मध्यप्रदेश अर्बन डेव्लपमेंट प्रोजेक्ट के तहत विश्व बैंक से ऋण लेने की स्वीकृति दी. योजना में वह शहर लिए गए हैं जिनमें अन्य योजनाओं से जल-प्रदाय योजना स्वीकृत नहीं है.

प्रदेश की मुख्य नदियों को प्रदूषित करने वाले निकाय तथा पर्यटन व धार्मिक विरासत नगर की मल-जल निस्तारण योजना को इस प्रस्ताव में शामिल किया गया है. परियोजना में भारत सरकार से 'अमृत' योजना के तहत वित्त पोषण प्राप्त शहर के लिए वित्त व्यवस्था भी निर्धारित की गई है. इसके अनुसार विश्व बैंक ऋण 50 प्रतिशत और भारत सरकार का अनुदान 50 प्रतिशत रहेगा.

अन्य शहरों के लिए वित्त व्यवस्था के लिए विश्व बैंक ऋण 70 प्रतिशत और मध्यप्रदेश शासन का अंश 30 प्रतिशत रहेगा. ऋण राशि के 75 प्रतिशत भाग और संबंधित ब्याज की राशि का पुनर्भुगतान राज्य के बजट से किया जाएगा. ऋण के शेष 25 प्रतिशत भाग का भुगतान संबंधित नगरीय निकाय द्वारा किया जाएगा.

इसके अलावा कैबिनेट ने

-9 हजार नौ सौ हेक्टेयर में सिंचाई की परियोजना को मंजूरी,-सिंहस्थ में साधु-संतों को सस्ती दर पर लकड़ी मुहैया कराने,
-राजधानी के गांधी नगर क्षेत्र में बसे लोगों को आवासीय पट्टे देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
-मंत्रि-परिषद ने पारसडोह (चंदेरी) मध्यम उदवहन सिंचाई परियोजना के लिए 382 करोड़ 29 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी.
-मंत्रि-परिषद ने विदेशों एवं अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में प्र-संस्करण के लिए मंगवाए जाने वाली दलहन पर देय मंडी फीस से छूट की अवधि को एक वर्ष और बढ़ाने का निर्णय लिया.
-मंत्रि-परिषद ने अधिसूचित कृषि जिंस कपास पर एक प्रतिशत मंडी फीस से छूट को 8 जनवरी 2016 से अगले एक साल के लिए बढ़ाने के निर्णय का अनुमोदन किया.
- मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि बुंदेलखंड पैकेज में छह जिले सागर, दमोह छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना और दतिया में बनाए गए 27 मिनी मार्केट-सह-गोदाम को सहकारिता विभाग को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के लिए स्थानांतरित किया जाएगा.

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First published: January 11, 2016, 10:00 PM IST
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