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एमपी के इस अनोखे फल से लखपति बन रहे किसान
Burhanpur News in Hindi

News18
Updated: October 11, 2015, 6:38 PM IST
एमपी के इस अनोखे फल से लखपति बन रहे किसान
खरगोन के एक खास फल की डिमांड पूरे देशभर में बढ़ रही है. आलम तो ये है कि अब व्यापारी खुद दूर-दूर से आकर इस फल को अपने साथ ले जाने के लिए खरगोन पहुंच रहे हैं. इस डिमांड के चलते यहां के किसान फलों को बेचकर लाखों की कमाई कर रहे हैं.

खरगोन के एक खास फल की डिमांड पूरे देशभर में बढ़ रही है. आलम तो ये है कि अब व्यापारी खुद दूर-दूर से आकर इस फल को अपने साथ ले जाने के लिए खरगोन पहुंच रहे हैं. इस डिमांड के चलते यहां के किसान फलों को बेचकर लाखों की कमाई कर रहे हैं.

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  • Last Updated: October 11, 2015, 6:38 PM IST
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खरगोन के एक खास फल की डिमांड पूरे देशभर में बढ़ रही है. आलम तो ये है कि अब व्यापारी खुद दूर-दूर से आकर इस फल को अपने साथ ले जाने के लिए खरगोन पहुंच रहे हैं. इस डिमांड के चलते यहां के किसान फलों को बेचकर लाखों की कमाई कर रहे हैं.

दरअसल श्वेत सोने के नाम से जाने जाना वाला कपास और लाल मिर्च के लिए मशहूर मध्यप्रदेश का खरगोन जिला इन दिनों अपने भगवा अनार उत्पादन के लिए सुर्खियों में है. ये अनार इतना मशहूर हो चुका है कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दिल्ली तक के व्यापारी यहां आकर इन अनारों की मांग कर रहे हैं.

प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ उत्पादन



खरगोन में तीन साल पहले कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर इस अनार की खेती की. लेकिन तीन साल के भीतर इसकी खेती में कई गुना बढ़ोतरी हो गई.



किसानों ने इन तीन सालों में गणेशा, कांधारी, मृदुला, ज्योति, धौलका, रूबि और अरकता प्रजातियों के साथ भगवा नामक अनार की किस्म की पैदावर की और देखते ही देखते इनका उत्पादन बढ़ गया.

इनमें से सबसे ज्यादा मुनाफा भगवा अनार ने दिया. जिसके चलते अनार की इस प्रजाति को उगाने के लिए यहां के किसानों में अब होड़ बढ़ती जा रही है. अनार उत्पादक किसानों के मुताबिक भगवा अनार दूसरे अनारों के मुकाबले ज्यादा रसीला और सुर्ख है.

इसका स्वाद भी दूसरे अनार के मुकाबले ज्यादा अच्छा है. जिससे इसकी डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. यही वजह है कि अन्य फसलों की तुलना में इस अनार की खेती किसानों को ज्यादा आमदनी दे रही है.

अनार उत्पादक किसानों के मुताबिक आने वाले समय में जिले में अकेले 530 हेक्टेयर रकबे में 53 हजार 26 मेट्रिक टन अनार का उत्पादन होगा, जिससे 318 लाख रूपए की आमदनी होगी. ऐसे में किसनों का रुझान अब भगवा अनार की खेती की तरफ बढ़ता जा रहा है और बढ़ती डिमांड को देखते हुए इस अनार की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा ही साबित होने वाली है.

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First published: October 11, 2015, 6:38 PM IST
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