बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

" /> बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

" />बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

">बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

">

जानिए, मक़बरे की खुदाई में निकली किसकी कब्र ?

बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

Sharik Akhtar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 18, 2015, 2:00 PM IST
जानिए, मक़बरे की खुदाई में निकली किसकी कब्र ?

बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।

Sharik Akhtar | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: June 18, 2015, 2:00 PM IST

बुरहानपुर के आजादनगर इलाके में मौजूद राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक पानदान मकबरे में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(एएसआई) को खुदाई में सुरंग और इस सुरंग में कमरा औ एक कब्र मिली है. विभाग के अनुसार यह कब्र अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज खान की पत्नी नीलोफर की है, जबकि इतिहासकार कब्र को शाह नवाज़ की पत्नी की मान रहे हैं . इतिहाकारों की मानें तो फारूकी और मुगल वंशजों में दासी का मकबरा बनाने की परंपरा ही नहीं थी. हालांकि,  अब विभाग इसे संरक्षित व विकसित कर पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी कर रहा है।


किसकी पत्नी थी नीलोफर ?

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कर्मचारी लक्ष्मण महाजन के मुताबिक, पश्चिमी मध्यप्रदेश के महाराष्ट्र सीमावर्ती जिले बुरहानपुर में ऐतिहासिक धरोहरों की भरमार है. शहर के काले ताजमहल की नाम से मशहुर मुगल शासक अकबर के नौ रत्नों में से एक और उनके सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना के पुत्र शाह नवाज़ की पत्नी का नाम नीलोफर था. इस जगह को पानदान मकबरा कहा जाता है. पानदान मकबरा पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भोपाल से अनुमति लेकर खुदाई शुरू की, खुदाई के दौरान सुरंग दिखाई दी, और ज्यादा खुदाई करने पर सुरंग में प्राचीन कमरे और एक कब्र दिखाई दी. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की मानें तो उनका कहना है यह कब्र शाह नवाज खां की दासी नीलोफर की है

आख़िर किसकी कब्र ?

उधर,  इतिहास पर शोधकर्ता डॉ. बरकत उल्ला अंसारी भारतीय पुरातत्व विभाग के उस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं जिसमें विभाग पानदान मकबरे में मिली कब्र को शाह नवाज की दासी नीलोफर की बता रहा है. डॉ. अंसारी के  अनुसार, फारुकी और मुगलवंशजों में अपनी दासी के मकबरे बनाने की परंपरा ही नहीं थी, उन्होंने बताया पानदान मकबरा शाहनवाज खान ने अपनी पत्नी नीलोफर की याद में सन 1640 आसपास निर्मित कराया था. मकबरे का आकार पान रखने के बर्तन के जैसा है, इसलिए इसे पानदान मकबरा नाम दिया गया.



मुमताज़ की क़ब्र भी बुरहानपुर में !

इतिहासकार यह भी बताते हैं कि सम्राट शाहजहां की पत्नी मुमताज की न तो आगरा में मौत हुई थी और न ही उसे आगरा में दफनाया गया था. मुमताज महल तो मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के जैनाबाद तहसील में मरी थी, जो ताप्ती नदी के पूर्व में आज भी स्थित है. इतिहासकारों के अनुसार लोधी ने जब 1631 में विद्रोह का झंडा उठाया था तब शाहजहां अपनी पत्नी  मुमताज महल को लेकर बुरहानपुर चला गया. उन दिनों मुमताज गर्भवती थी. पूरे 24 घंटे तक प्रसव पीड़ा से तड़पते हुए जीवन-मृत्यु से संघर्ष करती रही. सात जून, दिन बुधवार सन 1631 की वह भयानक रात थी, उसी रात मुमताज महल ने एक सुन्दर बच्चे को जन्म दिया, जो अधिक देर तक जिन्दा नहीं रह सका. थोड़ी देर बाद मुमताज ने भी दम तोड़ दिया. दूसरे दिन गुरुवार की शाम उसे वहीँ आहुखाना के बाग में सुपुर्द-ए- खाक कर दिया गया. वह इमारत आज भी उसी जगह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खड़ी मुमताज के दर्द को बयां करती है.

Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर