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लॉकडाउन में बिजनेस बर्बाद हुआ तो रेस्टोरेंट मालिक बन गया गाड़ी चोर, पुलिस को ऐसे मिला सुराग ...

भोपाल पुलिस ने 37 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए. (फाइल फोटो)

भोपाल पुलिस ने 37 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए. (फाइल फोटो)

इन आरोपियों ने पहले इंदौर से गाड़ियों को उठाना शुरू किया. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उन्हें ट्रैक किय ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

आरोपियों ने पहले इंदौर से गाड़ियों को उठाना शुरू किया.
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उन्हें ट्रैक किया.
गाड़ी चुराने के आरोपियों में एक शख्स रेस्टोरेंट का मालिक रह चुका है और दो उसके पुराने कर्मचारी हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अशोक गार्डन पुलिस ने शुक्रवार को पांच वाहन चोरों के एक गिरोह को गिरफ्तार करने का दावा किया है और उनके पास से लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के 37 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं. पुलिस ने बताया कि आरोपियों में एक शख्स एक रेस्टोरेंट का मालिक रह चुका है और उसके दो पुराने कर्मचारी शामिल हैं. लॉकडाउन के दौरान जब रेस्टोरेंट एक साल से ज्यादा समय तक बंद था तो मालिक ने अपने दो कर्मचारियों की मदद की थी. जिससे वह भारी कर्ज में डूब गया.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक इसके बाद उसके पुराने कर्मचारियों ने दोपहिया वाहनों को उठाना शुरू कर दिया और उन्हें ग्रामीण इलाकों में बेच दिया. उन्होंने अपने खर्च के लिए कुछ पैसे रखे और बाकी अपने पुराने मालिक को अपना कर्ज चुकाने के लिए दे दिया. बाद में उनका पुराना मालिक भी गाड़ियों को उठाने के अपराध में उनके साथ शामिल हो गया. इन तीनों के दो और साथियों ने ग्रामीण इलाकों में चोरी के वाहनों को बेचने में उनकी मदद की.

इन आरोपियों ने पहले इंदौर से गाड़ियों को उठाना शुरू किया. पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उन्हें ट्रैक किया. जिसमें एक शख्स स्कार्फ पहनकर दुपहिया वाहनों को उठाते हुए देखा गया था. अशोका गार्डन थाना के प्रभारी (एसएचओ) ने बताया कि पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की और सड़क पर गिर गए. पुलिस ने उन्हें पकड़ा तो उनकी पहचान हरदा निवासी 36 वर्षीय अमित राठौर उर्फ अंतिम और बजरिया के खुशीपुरा चांदबाद निवासी 36 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई. वे बाइक के दस्तावेज पेश नहीं कर सके और वह अशोका गार्डन से चोरी हुई पाई गई.

पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ की तो पता चला कि उन्होंने इलाके से करीब 10 दोपहिया वाहन चुराए हैं. पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया. एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने उनकी सूचना के आधार पर चोरी के 17 वाहन बरामद किए हैं. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अपने साथियों दीपक रघुवंशी, दिनेश चौरिया और किशन सेन को ग्रामीण इलाकों में बेचने के लिए 20 चोरी की गाड़ियां दी थीं.

सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर 20 और चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं. एसएचओ ने बताया कि इससे पहले धर्मेंद्र इंदौर में पहले एक रेस्टोरेंट चलाता था. जबकि किशन और अमित उसके रेस्टोरेंट में काम करते थे. लॉकडाउन के दौरान जब रेस्टोरेंट बंद था तो धर्मेंद्र ने एक साल से अधिक समय तक किशन और अमित की मदद की. इससे वह भारी कर्ज में डूब गया और रेस्टोरेंट को हमेशा के लिए बंद करना पड़ा.

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इस एहसान को चुकाने के लिए किशन और अमित ने इंदौर में गाड़ियों को चुराना शुरू कर दिया. वे चोरी की गाडियों को बेच देते थे और जो पैसा मिलता था उसका कुछ हिस्सा अपने खर्चे के लिए रख कर बाकी धर्मेंद्र को दे देते थे. बाद में धर्मेंद्र और अमित भोपाल शिफ्ट हो गए और एक साथ गाड़ियों को चुराने लगे. किशन ने अपने साथी दीपक और दिनेश के साथ मिलकर ग्रामीण इलाकों में चोरी की गाडियों को ठिकाने लगा दिया.

Tags: Bhopal, Crime in MP, Madhya pradesh neews, Madhya pradesh Police

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