मिलिए 73 साल के युवा 'ट्री मैन' से, जिनमें है धरती को हरा-भरा बनाने का जुनून

पर्यावरण को लेकर दुनियाभर में तमाम चिंताए जताई जाती है और करोड़ो रूपए खर्च करके सरकारी योजनाए संचालित होती है लेकिन अपने बलबूते पर प्रकृति को हरा-भरा करने का जिम्मा उठाने वाले लोग कम ही होते हैं.

Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 9, 2019, 3:15 PM IST
मिलिए 73 साल के युवा 'ट्री मैन' से, जिनमें है धरती को हरा-भरा बनाने का जुनून
डॉ. राजेश अग्रवाल 73 वर्ष की उम्र में प्रकृति को हरा-भरा करने के जुनून के साथ जी रहे हैं
Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 9, 2019, 3:15 PM IST
पर्यावरण को लेकर दुनियाभर में तमाम चिंताए जताई जाती है और करोड़ो रूपए खर्च करके सरकारी योजनाए संचालित होती है लेकिन अपने बलबूते पर प्रकृति को हरा-भरा करने का जिम्मा उठाने वाले लोग कम ही होते हैं. इन्ही बिरले लोगो में से एक है छतरपुर के 73 वर्षीय डॉ. राजेश अग्रवाल. इनके प्रकृति प्रेम के कारण लोग इन्हें ट्री मैन के नाम से जानते हैं. जिस उम्र में बुजुर्ग अपने परिवार के भरोसे रहते हैं उस उम्र में डॉ. राजेश अग्रवाल प्रकृति को हरा-भरा करने के जुनून के साथ जी रहे हैं.

डॉ. राजेश अग्रवाल ने पिछले 5 सालों में  जिले में लगभग 40 हजार से अधिक पौधे लगाए है और खास बात है कि इस पर आने वाले  खर्च डॉ. राजेश अग्रवाल  खुद उठाते है. प्रकृति को हरा-भरा करने के लिए 5 सालों से पोधा रोपड़ के साथ निशुल्क वितरण का कार्य भी कर रहे है. जो भी उनसे पोधे की मांग करता है उसे वह तत्काल ही निशुल्क पौधे उपलब्ध करा देते है. यह सिलसिला पिछले 5 सालो से लगातार जारी है और अब यही उनके जीवन का खास मकशद बन गया है.

 पौधा वितरण, Plant distribution
निशुल्क पौधे वितरित करते हुए डॉ. राजेश अग्रवाल


निशुल्क पोधों देने के साथ लोगों से बचन पत्र भी भरवाते हैं

डॉ. राजेश अग्रवाल 2015 में जब ट्रांसपोर्ट नगर के समीप घूम रहे थे तभी उन्होंने देखा कि सरकार ने लाखो रूपए खर्च कर दुकाने बना दी लेकिन लोगो को छाया के लिए एक पेड़ भी नहीं लगा और शहर में बढ़ते वायु प्रदुषण को देखकर उन्होंने प्रकृति को हरा-भरा करने की ठान ली और जब उन्होंने वन विभाग से संपर्क किया तो वन विभाग ने पेड़ देने से मना कर दिया, वह बात उन्हें इतनी खटकी कि वह खुद के पैसे खर्च कर ही 500 पौधे खरीदकर ट्रांसपोर्ट नगर के समीप स्कूलों और कॉलेजो में पौधा रोपण कर  दिया. इसके बाद ये सिलसला यहां रुका नही बल्की पौधा रोपना और वितरण कर प्रकृति को हरा-भरा करना उनके ज़िंदगी का खास मकसद और जूनून बन गया जो भी इनके पास पौधा लेने आता उन्हें वह निशुल्क दे देते साथ ही पोधों के संरक्षण के लिए लोगों से बचन पत्र भी भरवाते हैं और समय-समय पर फ़ोन कर उनसे पोधो की जानकारी भी हासिल करते है

पौधा वितरण, Plant distribution
बच्चों को पौधे वितरित करते हुए डॉ. राजेश अग्रवाल


डॉ. राजेश अग्रवाल की प्रकृति को हरा-भरा करने की  पहल अब रंग ला रही है उनसे पौधे मांगने वालो की संख्या बढ़ती  जा रही है और लोग भी अपने घरों और आस-पास के खाली स्थानों पर पौधा रोपण कर खुश नजर आ रहे है. लोग अब इन्हे पेड़ वाले बाबा और ट्री मैन के नाम से बुलाते है,इनकी निःस्वार्थ सेवा की सभी तारीफ कर रहे हैं.
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First published: July 9, 2019, 3:15 PM IST
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