छतरपुर के आदित्य ने बनाया कमाल का डिवाइस, अब नहीं लगेंगे बिजली के झटके

आदित्य को भारत सरकार के सहयोग की जरूरत है. जिससे वह अपने मॉडल का विस्तार कर सके और देश में एक वायर लैस सिस्टम को चालू कर सके. इससे ना केवल देश में तारों पर होने वाले खर्च को बचाया जा सकेगा बल्कि बिजली की चपेट में आने वाले लोगों की भी जान बचाई जा सकेगी.

Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 28, 2019, 7:23 PM IST
छतरपुर के आदित्य ने बनाया कमाल का डिवाइस, अब नहीं लगेंगे बिजली के झटके
छतरपुर के आदित्य ने ऐसा डिवाइस बनाया है जिससे बिजली के झटके नहीं लगते.
Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: July 28, 2019, 7:23 PM IST
छतरपुर जिले के आदित्य शिवहरे ने एक ऐसे डिवाइस की खोज की है जो बिना तारों के बिजली को एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचा देती है. इनके खोज की खास बात ये है कि इसके संपर्क में आने पर बिजली के झटके नहीं लगते हैं. 11वीं क्लास में पढ़ने वाले आदित्य के बनाए गए इस मॉडल से देश में एक नई क्रांति लायी जा सकती है. उन्होंने इस डिवाइस का नाम वायरलैस एंड शॉक लैस इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमीटर रखा है. आदित्य देश हित में कुछ ऐसा बनाना चाहता था जो कहने और सोचने में नामुमकिन हो. खोज के क्रम में उसे देश में करंट लगने से होने वाली मौतों का ख्याल आया और उसने ठान लिया कि एक ऐसा डिवाइस बनाउंगा जो जिससे लोगों को बिजली के झटके ना लगे.

तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद मिली सफलता

अपनी परिकल्पना को साकार रूप देने में आदित्य को 3 साल की कड़ी मेहनत करनी पड़ी. आखिरकार ऐसे मॉडल का आविष्कार कर लिया जो बिना तारों के बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा देता है. आदित्य के इस अनोखे मॉडल में एक ट्रांसमीटर है जो विद्युत तरंगों को भेजने का काम करता है. इन तरंगों को रिसीवर की सहायता से एक जगह से दूसरे जगह ट्रांसफर किया जाता है. आदित्य को इस मॉडल को तैयार करने में 3 साल लगे इस बीच कई बार उसे असफलता हाथ लगी. लेकिन उसने हार नहीं मानी.

Aditya of Chhatarpur has created such a device which does not take electric shocks
छतरपुर के आदित्य ने ऐसा डिवाइस बनाया है जिससे बिजली के झटके नहीं लगते.


एक ऐसा डिवाइस जो नहीं लगने देगा करंट के झटके 

आदित्य अपना आदर्श पूर्व राष्ट्रपति और महान भारतीय वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के साथ  आईन्स्टीन और न्यूटन को मानता है और अपने मॉडल को देश के लिए समर्पित करना चाहता है. जिसके लिए उसने पीएमओ को मेल भी किया था.  अब आदित्य को भारत सरकार के सहयोग की जरूरत है. जिससे वह अपने मॉडल का विस्तार कर सके और देश में एक वायर लैस सिस्टम को चालू कर सके. इससे ना केवल देश में तारों पर होने वाले खर्च को बचाया जा सकेगा बल्कि बिजली की चपेट में आने वाले लोगों की भी जान बचाई जा सकेगी. आदित्य के परिजनों को विश्वास है कि मोदी सरकार आगे आकर उसके बेटे का पूरा सहयोग करेगी. परिजन एक ओर जहां अपने बेटे के अविष्कार से गर्व महसूस कर रहे हैं तो वहीं सरकार से आदित्य का सहयोग देने की मांग भी कर रहे है.

आदित्य अपना आदर्श पूर्व राष्ट्रपति और महान भारतीय वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के साथ आईन्स्टीन और न्यूटन को मानता है और अपने मॉडल को देश के लिए समर्पित करना चाहता है.-Aditya of Chhatarpur has created such a device which does not take electric shocks
आदित्य अपना आदर्श पूर्व राष्ट्रपति और महान भारतीय वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के साथ आईन्स्टीन और न्यूटन को मानता है और अपने मॉडल को देश के लिए समर्पित करना चाहता है.

Loading...

ये भी पढ़ें - मुंह से कलम पकड़कर मंजेश ने इंटर किया पास, और अब...

ये भी पढ़ें - स्कूल में पिस्टल लेकर घुसा शराबी, बच्चों को लगा धमकाने

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए छतरपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 28, 2019, 7:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...