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छतरपुर के इस गांव में नदी से पीने का पानी लाते हैं ग्रामीण

Sunil Upadhyay | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: May 25, 2017, 7:21 PM IST
छतरपुर के इस गांव में नदी से पीने का पानी लाते हैं ग्रामीण
पीने का पानी भरने नदी में घुसे बच्चे.

छतरपुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर की दूरी पर बसे लहदरा गांव की स्थिति खौपनाक हो गई है. मासूम बच्चे अपनी जान पर खेलकर धसान नदी के बीच में जाकर पीने का पानी भरते नजर आ रहे हैं. दरअसल, गांव में सिर्फ 3 से 4 हैंडपंप ही मौजूद हैं जिसमें से बमुश्किल 2 ही पानी देते हैं.

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मानसून आने में अभी देरी है, लेकिन बुंदेलखंड में पानी की समस्या भयावह रूप लेती जा रही है. हम बात करें छतरपुर जिले की तो यहां बीते 5 सालों से बारिश कम हो रही है. इस कारण लोग सूखे की मार झेलते आ रहे हैं.

छतरपुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर की दूरी पर बसे लहदरा गांव की स्थिति खौपनाक हो गई है. मासूम बच्चे अपनी जान पर खेलकर धसान नदी के बीच में जाकर पीने का पानी भरते नजर आ रहे हैं. दरअसल, गांव में सिर्फ 3 से 4 हैंडपंप ही मौजूद हैं जिसमें से बमुश्किल 2 ही पानी देते हैं.

लेकिन वे हैंडपंप भी दूर होने के कारण उनका उपयोग न के बराबर ही किया जाता है. बहरहाल, लोगों को और नन्हे मासूमों को शुद्ध पेयजल के लिए तैरकर बीच नदी में जाकर पानी भरना पड़ता है.

ग्रामीणों की माने तो नदी किनारे घाट से अन्य कार्यों के लिए तो लोग पानी भर लेते हैं. घाटों पर लोगों के नहाने, कपडे़ धोने और अपने पशुओं को नहलाने से वहा गंदगी रहती है, जिससे उन्हें मजबूरन पीने का पानी भरने तैरकर बीच नदी में जाना पड़ता है.

ऐसा नहीं की लोगों को डर नहीं लगता. कई बार बच्चों के डूबने की नौबत तक आ जाती है. उन्हें ग्रामीणों की मदद से किनारे तक लाया जाता है.

पीने के पानी की यह समस्या आज की नहीं बल्कि पिछले 6 सालों से चली आ रही है. पानी की समस्या दूर करने के लिए नल-जल योजना के तहत टंकी का भी निर्माण किया गया लेकिन उन्हें भरने के लिए किये गए बोर सूखे निकले.

सूखाग्रस्त होने के कारण पानी की जगह इन बोर में सिर्फ धूल ही उड़ती नजर आई. वहीं प्रशासन अब जल्द से जल्द उचित व्यवस्था कराके लोगों की यह समस्या दूर करने का रटा-रटाया जवाब ही दे रहा है.

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First published: May 25, 2017, 7:07 PM IST
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