लाइव टीवी

इकलौता थाना: श्रीराम सुनते हैं फरियाद, भगवान की अनुमति के बाद लिखी जाती है FIR

Sunil Upadhyay | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: March 8, 2017, 1:57 PM IST

सतयुग में भले ही भगवान श्रीराम ने अयोध्या का राजपाठ चलाकर रियासत की जनता को न्याय दिया हो, लेकिन इस युग में भी यदि कहीं भगवान ऐसी ही परंपरा निभा रहे हों तो यह सुनकर हैरानी जरूर होगी.

  • Share this:
सतयुग में भले ही भगवान श्रीराम ने अयोध्या का राजपाठ चलाकर रियासत की जनता को न्याय दिया हो, लेकिन इस युग में भी यदि कहीं भगवान ऐसी ही परंपरा निभा रहे हों तो यह सुनकर हैरानी जरूर होगी.

हालांकि, यह सच है कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पुलिस थाना में विराजमान भगवान श्रीराम जनता को न्याय का पाठ पढ़ाकर कुशल प्रशासक बने हुए हैं. इस वजह से अब यह थाना प्रदेश का ही नहीं, बल्कि देश का इकलौता पुलिस थाना बन गया है.

दिलचस्प बात यह है कि छतरपुर जिले के ईशानगर पुलिस थाने में पूरे 25 साल से भगवान श्रीराम का राज कायम है. यहां पर फरियादी की फरियाद थाना प्रभारी नहीं, बल्कि भगवान खुद सुनते हैं. यहां पर एफआईआर भगवान के दरबार में अर्जी लगाने के बाद ही लिखी जाती है. थाना में तैनात पुलिस अमला अपने आप को भगवान का सेवक बताकर अपनी ड्यूटी करता है.

कामकाज का तरीका बेहद अनोखा

यहां पर रिपोर्ट लिखते तो पुलिसकर्मी है, लेकिन भगवान के दरबार में जाकर अनुमति लेने के बाद थाने में आने बाले शिकायतकर्ता को पहले भगवान के सामने जाना पड़ता है. बाद में उसकी खबर पुलिस अमला लेता है.

यहां का कामकाज भी बहुत अनोखा है. सुबह की पहली किरण के साथ भगवान के दरबार की आरती उतारी जाती है. इसमें पुलिस अमला अपना सब काम छोड़कर शामिल होता है. आरती और पूजा के साथ यहां पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी ड्यटी शुरू करते हैं. भगवान की सलामी और दर्शन के बाद इस थाना का रोजनामचा खोला जाता है. मान्यता है कि यदि कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी थाना में विराजमान भगवान का निरादर करेगा तो उसे दंड भुगतना पड़ सकता है.

कैसे आए भगवान श्रीराम?पुलिस थाना में भगवान श्रीराम के यहां आने की कहानी भी निराली है. दरअसल ईशानगर गांव के राम जानकी मंदिर से कई साल पहले चोर भगवान को चुराकर ले गए थे, लेकिन कुछ दूर जाने के वाद यह मूर्ति इतनी भारी हो गई की चोर इन्हें उठा तक नहीं पा रहे थे.

बाद में पुलिस ने इन्हें बरामद कर थाना के मालखाने में रख दिया और मामले का निराकरण होने के बाद अदालत ने इन मूर्तियों को मंदिर में शिफ्ट करने का आदेश सुनाया. तभी से लेकर भगवान का यह दरबार थाना के मालखाने में लगा है.

बहरहाल भगवान श्रीराम की मंशा के अनुसार अब पुलिस थाने में ही कुशल प्रशासक के रूप में विराजमान हैं. यहां पर लोगों के साथ पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि भगवान खुद न्याय कर रहे हैं. इस थाने में चप्पल पहनना, गुटका-तंबाकू खाना, शराब का सेवन करना और गाली-गलौच करने पर पाबंदी है. इस वजह से अब यह थाना देश में आदर्श पुलिस थाना के रूप में उभर कर सामने आया है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए छतरपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 8, 2017, 12:06 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर