मध्य प्रदेश के ‘बजरंगी भाईजान’ की मदद से 15 साल बाद अपनों से मिलेगा अयप्पा

15 साल बाद अयप्पा को फिर से उसके परिवार से मिलाने के लिए मध्य प्रदेश का बजरंगी भाईजान तमिलनाडु रवाना हो गया है.

Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 21, 2019, 2:31 PM IST
Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 21, 2019, 2:31 PM IST
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में ठीक उसी तरह की घटना सामने आई है जैसा कि सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाई जान में दिखाई गई थी. 15 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ने के बाद छतरपुर के नौगांव में बधुंवा मजदूर का जीवन जीने वाले अयप्पा के लिए अख्तर हुसैन नाम का शख्स सच में बजरंगी भाईजान साबित हुआ है. 15 साल बाद अयप्पा को फिर से उसके परिवार से मिलाने के लिए मध्य प्रदेश का बजरंगी भाईजान तमिलनाडु रवाना हो गया है.

जानकारी के मुताबिक अयप्पा बोरिंग मशीन पर काम करने के लिए 15 साल पहले तमिलनाडु से सतना आया था. लेकिन वह अपने साथियों से अचानक बिछड़ गया और फिर नौगांव के नयागांव मे लखन यादव के समपर्क में आया. लखन ने अयप्पा के मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसे अपने घर पर काम कराने ले गया. इसके बाद लखन ने घर पर बधुंवा मजदूर बना लिया और मवेशियों के काम मे लगा दिया. इस दौरान जब अयप्पा अपने माता-पिता के पास जाने के लिए कहता तो लखन उसकी पिटाई करने लगता था.

इस दौरान अयप्पा पड़ोस में रहने वाले अख्तर हुसैन के संपर्क मे आया. किसी तरह टूटी-फूटी हिंदी बोलकर उसने अपनी पूरी आपबीती बताई. इसके बाद अख्तर ने अयप्पा के साथ हो रही ज्यादती की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस के हस्तक्षेप से अयप्पा को लखन के घर से छुड़ा लिया गया है. अयप्पा के लिए बजरंगी भाईजान बनकर उसके मां बाप से मिलाने के लिए अख्तर तमिलनाडु निकल गए हैं.

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First published: January 21, 2019, 2:31 PM IST
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