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बुनियादी सुविधाओं के अभाव वाले गांव में कोई नहीं चाहता अपनी बेटी ब्याहना

Sunil Upadhyay | News18 Madhya Pradesh
Updated: May 4, 2018, 8:24 PM IST
बुनियादी सुविधाओं के अभाव वाले गांव में कोई नहीं चाहता अपनी बेटी ब्याहना
छतरपुर का खरियानी पंचायत का ढोड़न गांव, जहां नहीं है कोई बुनियादी सुविधा

आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी कई गांव बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसा ही एक गांव छतरपुर का खरियानी पंचायत का ढोड़न गांव है जो आज भी विकास के लिए तरस रहा है. पन्ना टाइगर रिजर्व में आने वाले इस गांव मे आज भी लोगों को आने जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है. इस गांव में आज भी लालटेन की रोशनी में सभी कार्य होते है.

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आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी कई गांव बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसा ही एक गांव छतरपुर का खरियानी पंचायत का ढोड़न गांव है जो आज भी विकास के लिए तरस रहा है. पन्ना टाइगर रिजर्व में आने वाले इस गांव मे आज भी लोगों को आने जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है.

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे की भी हवा निकल जाती है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि बिजली विहीन तमाम गावों में बिजली पहुंच चुकी है. इस गांव में आज भी लालटेन की रोशनी में सभी कार्य होते है. ढाई हजार की आबादी के इस गांव में बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते हैं.

यहां चुनाव के समय भले ही कोई नेता वोट मांगने आ जाता हो, लेकिन पर पलट कर कभी नहीं आता है. इस गांव में विकास करने के झूठे दावे सालों से चले आ रहे हैं. गांव में बुनियादी सुविधाएं न होने की वजह से कोई भी आसपास के गांव वाला अपनी लड़की का विवाह इस गांव में नहीं करता है. इस कारण यहां काफी युवक शादी की उम्र पार होने के बाद भी आज भी कुंवारे हैं. इस गांव के कई बुजुर्गों की विकास की बाट जोतते -जोतते आंखें पथरा चुकी हैं फिर भी विकास इस गांव तक नहीं पहुंच सका है. वहीं प्रशासन के अधिकारी भी मानते हैं कि इस गांव की स्थिति पन्ना नेशनल पार्क की वजह से ऐसी है. फिर भी उनके द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि इस गाँव में मूलभूत सुविधाएं कम से कम उपलब्ध हो जाएं.

 

 

 

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First published: May 4, 2018, 8:24 PM IST
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