छिंदवाड़ा लोकसभा सीट: कमलनाथ के बाद नकुलनाथ ने संभाली कांग्रेस की कमान!
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छिंदवाड़ा लोकसभा सीट: कमलनाथ के बाद नकुलनाथ ने संभाली कांग्रेस की कमान!
फाइल फोटो Kamalnath & Nakulnath

छिंदवाड़ा से पिछले पैंतीस सालों से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान के मुख्यमंत्री कमलनाथ जीत दर्ज करवाते आए हैं. केवल एक बार उन्हें हार मिली थी

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छिंदवाड़ा लोकसभा सीट देश और मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित सीट मानी जाती है. यहां पर पिछले पैंतीस सालों से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान के मुख्यमंत्री कमलनाथ जीत दर्ज करवाते आए हैं. केवल एक बार उन्हें हार मिली थी. उन्हें सुंदरलाल पटवा ने हराया था. इसके बाद यह सीट मानों कांग्रेस के लिए अभेद गढ़ बन गई है.

यहां कमलनाथ के सामने भाजपा ने केवल तीन बार अपने प्रत्याशी का चेहरा बदला है. इसमें एक बार उपचुनाव में सुंदरलाल पटवा ने चुनाव लड़ा जबकि एक बार प्रहलाद पटेल और एक बार प्रतुलचंद द्विवेदी मैदान में उतरे थे लेकिन सुंदरलाल पटवा को छोड़कर किसी को भी सफलता नहीं मिली, हालांकि बाद में वे भी कमलनाथ से परास्त हो गए थे.

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लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें तो इस बार यहां से कांग्रेस ने कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को प्रत्याशी बनाया है. मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ को लोकसभा सीट छोडनी पड़ रही है. नकुलनाथ के लिए हालांकि इस सीट पर चुनाव कोई कठिन नहीं होगा लेकिन चुनावी राजनीति में वे पहली बार उतर रहे हैं. नकुलनाथ के सामने बीजेपी ने नत्थन शाह को प्रत्याशी बनाया है. नत्थन शाह जुन्नारदेव सीट से बीजेपी के विधायक रह चुके हैं. 2013 के चुनाव में नत्थन शाह ने कांग्रेस के सुनील उईके को 20 हजार मतों से शिकस्त दी थी.
लोगों को संबोधित करते नकुलनाथ


तकरीबन पच्चीस लाख की जनसंख्या वाली इस लोकसभा सीट में विधानसभा की सात सीटें है. जिसमें से दो सीट सौंसर और पांढुर्णा महाराष्ट्र यानी नागपुर से लगी है. इसके अलावा परासिया, जामई और अमरवाडा, चौरई में आदिवासी समाज बहुतायत से है. छिंदवाडा विधानसभा सीट पर लगभग सभी वर्गों की उपस्थिति देखने को मिलती है. कुल मिलाकर जिले की बात करें तो यहां पर 38 प्रतिशत आदिवासी, सामान्य 10 प्रतिशत, 35 ओबीसी, एससी 12 प्रतिशत, 11 प्रतिशत सामान्य, 5 प्रतिशत मुस्लिम और अन्य जाति के लोग निवास करते हैं.

कमलनाथ और नकुलनाथ


इस सीट पर सन 1997 में कमलनाथ को सुंदरलाल पटवा ने हराया था. दरअसल कमलनाथ उस समय उपचुनाव लड़ रहे थे. इस लोकसभा सीट से कमलनाथ लगातार नौ बार सांसद रहे हैं. कमलनाथ ने अपने कार्यकाल में सांसद निधि का भरपूर उपयोग किया है.

आंकड़ो पर नजर डालें तो इस बार कमलनाथ ने पांच करोड की सांसद निधि को दिसंबर में ही खर्च कर दिया. इस राशि का उपयोग जिले भर के स्कूलों, ग्रामीण इलाकों में सडकें बनवाने और पानी निकासी के इंतजाम करने तथा चबूतरे निर्माण करवाने के अलावा सामुदायिक भवन बनवाने में भी किया गया है. शहर के तकरीबन सभी वार्डों में कमलनाथ ने सांसद निधि से निर्माण कार्य करवाए है. आंकडों के अनुसार लगभग ढाई करोड के विकास कार्य इस वर्ष शहर के वार्डों में किए गए है. यही वजह है की लोग उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों को मॉडल के तौर पर देखते हैं.



इन तमाम विकास कार्यों के बीच सबसे महत्वपूर्ण समस्या लोगों को यातायात और पार्किंग की नजर आती है. इस समस्या को लेकर लोग शिकायत भी करते है लेकिन लोगों का मानना है कि अभी घोषित हुई मिनी स्मार्ट सिटी में इसकी व्यवस्था हो जाएगी.

छिंदवाड़ा में लगातार जीत दर्ज करवाने वाले कमलनाथ अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. छिंदवाड़ा के लिए वे विकास की संभावनाओं को हमेशा टटोलते नजर आते हैं. स्किल डेवलपमेंट सेंटर के अलावा तमाम शैक्षणिक संस्थानों को शुरु करने और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी दिलवाना वे अपना मुख्य उद्देश्य मानते हैं. इसका लाभ नकुलनाथ को मिलेगा.

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