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सौंसर विधानसभा सीट: लगातार तीन बार जीती थी बीजेपी, अब कांग्रेस ने की वापसी

सौंसर विधानसभा सीट: लगातार तीन बार जीती थी बीजेपी, अब कांग्रेस ने की वापसी

सौंसर

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2003, 2008 और 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में होते हुए भी यह सीट बीजेपी का गढ़ बनती जा रही थी

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सौंसर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की सुगबुगाहट के बाद सौंसर को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. सौंसर सीट कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा जिले में है. कमलनाथ ने भी संकेत दिए हैं कि वे सौंसर विधानसभा सीट से विधानसभा उपचुनाव लड़ने को प्राथमिकता देंगे. इसके लिए वह सौंसर की जनता से बात करके अंतिम निर्णय लेंगे.

    सौंसर विधानसभा सीट छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आती है. 2003, 2008 और 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में होते हुए भी यह सीट बीजेपी का गढ़ बनती जा रही थी. कांग्रेस इस सीट पर फिर से वापसी करने की जुगत में थी और इस बार उसे जीत भी मिली.

    सौंसर और आस-पास का क्षेत्र कपास और संतरे की खेती के लिए मशहूर है. सौंसर सीट सीट पर कुल 194,263 मतदाता हैं. जिसमें 93,523 महिला मतदाता हैं और 100,732 पुरुष मतदाता हैं.

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    2008 के चुनाव के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नानाभाऊ मोहोद ने जीत हासिल की थी. इस बार हारने वाले थे कांग्रेस के युवराज जिचकर. नानाभाऊ को 43082 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस के युवराज जिचकर को 40202 वोट मिले थे.

    2013 के चुनाव में बीजेपी के नानाभाऊ मोहोद ने कांग्रेस के भगवत महाजन को हराया था. नानाभाउ मोहोद को जहां 69257 वोट मिले थे तो वहीं भगवत महाजन को 60841 वोट मिले थे. दोनों के बीच हार-जीत का अंतर 8 हजार से ज्यादा वोटों का था.

    वहीं इस बार 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने जोरदार वापसी की. कांग्रेस के विजय चौरे ने बीजेपी के नानाभाऊ मोहोद को शिकस्त दी. कांग्रेस प्रत्याशी को 86700 वोट और बीजेपी प्रत्याशी को 66228 वोट मिले हैं. यह छिंदवाड़ा की सभी विधानसभाओं में कांग्रेस प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मिलने वाली सीट है.

    कपास और संतरे की खेती के बावजूद यहां के किसानों की समस्याएं चर्चा का विषय बनी रहीं. कई बार कपास का समर्थन मूल्य तय नहीं होने से किसानों ने उचित दाम ना मिलने के आरोप लगाए. सौंसर में बेरोजगारी भी समस्या बनी रही. हालांकि कमलनाथ के गृह जिले में होने के कारण यह सीट छिंदवाड़ा के नाम के साथ जुड़ी रही.

    कमलनाथ बोले- सौंसर सीट से लड़ना चाहूंगा उपचुनाव

    Tags: BJP, Congress, Kamal nath, Madhya Pradesh Assembly, Madhya Pradesh Assembly Profile, Madhya pradesh elections

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