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सुपर 80 : भोपाल के एक पुलिस अफसर निर्धन बच्चों की इस तरह बदल रहे हैं ज़िंदगी

डीएसपी प्रदीप मिश्रा हजारों गरीब बच्चों को मुफ्त में सिविल सर्विसेस की तैयारी करवा रहे हैं.

डीएसपी प्रदीप मिश्रा हजारों गरीब बच्चों को मुफ्त में सिविल सर्विसेस की तैयारी करवा रहे हैं.

FREE Education. भोपाल के सीआईडी(CID) में पदस्थ डीएसपी प्रदीप मिश्रा हजारों गरीब बच्चों को मुफ्त में शासकीय सेवा की तैया ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

80 बच्चे एंट्रेंस एक्साम के आधार पर चयनित किए जाते हैं.
फ्री एजुकेशन के साथ-साथ फ्री खाना भी मिलता है.
पढ़ाई के साथ स्पोर्टस् एक्टिविटी पर भी खासा ध्यान रखा जाता है.

भोपाल. हमारे देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं बस जरूरत है तो एक ऐसे मंच की जो सपनों को साकार कर सके. ऐसे ही हजारों गरीब बच्चों के सपनों को सच कर रहे हैं भोपाल सीआईडी में पदस्थ डीएसपी प्रदीप मिश्रा. उन्होंने एक ऐसा संस्थान शुरू किया है जहां कोई फीस नहीं लगती. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ऐसे कराई जाती है कि यहां कोचिंग लेने वाले सैकड़ों बच्चे अफसर बन चुके हैं.

सुपर 80 स्टूडेंट्स का चयन
भोपाल में पदस्थ डीएसपी प्रदीप मिश्रा ने साल 2011 में ‘जय हिंद शिक्षण संस्थान’ की शुरुआत की. यहां से अब तक 300 से अधिक स्टूडेंट्स शासकीय सेवाओं में चुने जा चुके हैं. संस्थान हर साल जून महीने में एक एंट्रेंस एग्जाम करता है. इसमें कुल 80 बच्चों को चुना जाता है. साथ ही 20 बच्चों का चयन विशेष परिस्थितियों में होता है. यह बच्चे ज्यादातर गरीब परिवारों के होते हैं. इन्हे सब इंस्पेक्टर और पब्लिक सर्विस कमीशन(PSC) की परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है.

बच्चों को फ्री खाना 
जय हिंद शिक्षण संस्थान में हर दिन करीब 10 घंटे स्टूडेंट्स की क्लासेस चलाई जाती हैं. इसके साथ ही इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और फिजिकल परीक्षा की तैयारी भी कराई जाती है. इतनी कड़ी मेहनत करने के लिए बेहतर पोषण का भी ध्यान रखा जाता है. इसके लिए डीएसपी प्रदीप मिश्रा की पत्नी निधि मिश्रा खुद संस्थान के किचन में बच्चों के लिए खाना तैयार करती हैं. भोपाल के भारतमाता चौराहे के पास चलाए जाने वाले इस संस्थान में बच्चों के रहने और खाने की भी सुविधा है. पढ़ने वाले सभी लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल और मेस हैं.

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पढ़ाई के साथ खेलकूद की भी सुविधा 
पढ़ने और पढ़ाने के तरीके में बीते सालों में तेजी से बदलाव हुआ है. ब्लैक बोर्ड स्मार्ट क्लासेस में तब्दील हो गए हैं. ऐसे में इन बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा देने पर ध्यान दिया जाता है. यहां बच्चों की बेहतर तैयारी के लिए लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब भी बनाई गई है. इसके साथ ही क्रिकेट, बॉलीबॉल, बैडमिंटन जैसे स्पोर्ट्स की सुविधा भी है, जिससे की बच्चे फिजिकल परीक्षाओं की तैयारी भी बेहतर रूप से कर सकें.

अब तक 300 स्टूडेंट्स संवार चुके हैं भविष्य 
बीते 10 सालों में संस्थान से कई बच्चे पढ़कर निकले हैं. उन्हीं में से कुछ एलुमनाई अब नए बच्चों को पढ़ाने में समय देते हैं. जिससे की भविष्य में बेहतर अफसरों को तैयार किया जा सके. यहां अब तक करीब दो हजार स्टूडेंट्स एडमिशन ले चुके हैं. जिनमें से करीब 300 से स्टूडेंट्स अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर नौकरी पाकर अपना और अपने परिवार का भविष्य संवार चुके हैं. यहां पढ़ने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स पुलिस सेवा में जाते हैं, वहीं कुछ बच्चे आर्मी के लिए भी चुने गए.

इस सुपर 80 को सुपर 500 में तब्दील करने का मिशन 
डीएसपी प्रदीप मिश्रा स्टूडेंट्स को ना केवल बेहतर शिक्षा दे रहे हैं, बल्कि उन्हें देश के प्रति अपने कर्तव्यों से भी अवगत कराते हैं. स्टूडेंट्स को देशभक्ति का पाठ भी पढ़ाया जाता है. यहां पढ़ने की एक शर्त यह भी है कि आप देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को हमेशा तैयार रहेंगे. प्रदीप मिश्रा भविष्य में हर साल 500 बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने का विजन लेकर काम कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि समाज के अच्छे लोग उनके साथ खड़े होंगे, जिसके की सुपर 80 को सुपर 500 में तब्दील किया जा सके.

Tags: Bhopal, Education, Madhya pradesh news, Positive News

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