जबलपुर में कोरोना संदिग्ध ने चाकू मारकर की आत्महत्या! परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक कोरोना संक्रमित संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला है.

जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एक कोरोना संक्रमित संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला है.

Suicide Or Murder?: जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे एक कोरोना संदिग्ध ने चाकू मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. वहीं परिजनों का आरोप है कि पीड़ित की डॉक्टर और वार्ड ब्वॉय ने हत्या की है.

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जबलपुर. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) से मरीज इतने ज्यादा डरे हुये हैं कि अस्पताल में आत्महत्या (Suicide) कर रहे हैं. हाल ही में जबलपुर (Jabalpur) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे कोरोना संदिग्ध मरीज गणेश सिंह ठाकुर ने अपने गले में चाकू मारकर आत्महत्या कर ली. घटना वार्ड नंबर तीन के अंदर ही हुई है. सूचना मिलने के बाद मेडिकल अस्पताल पहुंची गढ़ा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इधर सूचना मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गणेश ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे अस्पताल के कर्मचारियों ने मारा है. परिजनों ने अब इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है.

नेता जी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल है, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं और स्टाफ हमेशा ही लापरवाही के लिए बदनाम रहा है. एक बार फिर इस सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत के कारण चर्चाओं का बाजार गर्म है. दरअसल जबलपुर की पाटन तहसील के ग्राम मुड़िया निवासी 30 वर्षीय गणेश सिंह ठाकुर को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही थी. इसके बाद उनको इलाज के लिए पाटन के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर ले जाने की सलाह दी. दो दिन पहले परिजन उन्हें जबलपुर के कई निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन किसी भी अस्पताल ने भर्ती करने से इनकार कर दिया. जिसके बाद गणेश को 14 मई को मेडिकल अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराया गया.

बड़े पापा ये कसाईघर जैसा, मुझे इस नर्क से निकाल लो

मरीज का कोरोना टेस्ट किया गया लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई, इसलिए उसे कोरोना सस्पेक्टेड वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जा रहा था. मृतक के परिजनों ने बताया की गणेश सिंह ने कई बार फोन करके अपने परिजनों से कहा था कि उसे मेडिकल अस्पताल से घर ले जाएं, क्योंकि मेडिकल अस्पताल में उसके साथ बेहद खराब व्यवहार किया जा रहा है और यह अस्पताल नहीं, बल्कि कसाई घर जैसा है. बड़े पापा मुझे इस नर्क से निकाल लो. रविवार की शाम को जब गणेश सिंह के परिजन उससे मिलने के लिए मेडिकल आए थे, तब चिकित्सकों ओर वार्ड ब्वॉय ने गणेश से मुलाकात नहीं करने दी थी.
फोन पर उसने कहा था...ये लोग उसे मार देंगे

इसके बाद गणेश सिंह ने फोन पर बात करते हुए अपने परिजनों से एक बार फिर गुहार लगाई कि उसे मेडिकल अस्पताल से बाहर निकाल लिया जाए, नहीं तो यह लोग मुझे मार देंगे. इसके बाद देर रात परिजनों को सूचना मिली की गणेश सिंह ने अपने पास फल काटने वाले चाकू को अपने गले में मारकर आत्महत्या कर ली है.

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप



मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि गणेश सिंह ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर तुषार सिंह और एक वार्ड ब्वॉय उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और उसकी हत्या की गई है. अब इस पूरे मामले में परिजनों ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से मांग की है कि पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जाए.

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगीः टीआई

इधर मेडिकल अस्पताल पहुंची गढ़ा थाना पुलिस ने मृतक गणेश सिंह की लाश को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है. अब इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की कर रही है. बहरहाल गढ़ा थाना प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि मृतक के परिजनों, वार्ड के चिकित्सक और कर्मचारियों के भी बयान लेकर इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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